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धोखे में कराई गई ज्ञानवापी हाता और भवन की रजिस्ट्री

Mon, 18 Jul 2016 02:26 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी Updated Mon, 18 Jul 2016 02:26 AM IST
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Gyanvapi deception is made in the registry of the house
बाबा विश्वनाथ मंदिर - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ानवापी हाता और व्यास भवन और कूप गद्दीनशीन पीठ की संपत्ति है। इस पर व्यास पीठ का अधिकार है। इसकी खरीद, बिक्री करना असंवैधानिक है। किसी को सेवायत बनाने का भी अधिकार नहीं दिया जा सकता। वर्ष 1991 से ज्ञानवापी हाता और व्यास पीठ के आसपास सरकारी मशीनरी और मंदिर प्रशासन की ओर से अतिक्रमण करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासनिक कदम से हमारे अधिकारों का हनन किया जाता रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। यह बातें रविवार को ज्ञानवापी हाता के प्रबंधक पं. केदारनाथ व्यास ने कही।
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पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पिछले दिनों पता चला कि पं. चंद्रनाथ व्यास के हिस्से की रजिस्ट्री विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने एक वसीयत के आधार पर करा ली है। मंदिर प्रशासन का यह कदम असंवैधानिक है। चंद्रनाथ के निधन के बाद पता चला कि कुछ लोग उनके नाम से फर्जी वसीयत बनाकर उनकी संपत्ति बेचने का प्रयास कर रहे हैं। मैंने मार्च में उस वसीयत की प्रति के साथ इस आशय का पत्र सीएम समेत निबंधन अधिकारी, मंदिर प्रशासन और नगर निगम प्रशासन को भेजा था। बावजूद इसके रजिस्ट्री करा दी गई।
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