Gyanvapi Case: ज्ञानवापी में पूजा पर अड़े स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अन्न-जल त्याग तीसरे दिन भी जारी, समर्थन में डंडी स्वामियों का मौन व्रत
वाराणसी के केदारघाट स्थित श्रीविद्यामठ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का सोमवार को तीसरे दिन अनशन जारी है। वह ज्ञानवापी परिसर में पूजा की मांग को लेकर शनिवार की सुबह से अन्न-जल त्याग कर अनशन पर बैठे हुए हैं।
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वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर स्थित वजूखाने में मिले शिवलिंग की पूजा के लिए केदारघाट स्थित श्रीविद्यामठ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का अनशन आज तीसरे दिन भी जारी है। अन्न-जल का त्याग करने के कारण उनका वजन गिर रहा है और शुगर लेवल भी कम हुआ है।
मठ में पुलिस की घेराबंदी बनी हुई है और हर आने-जाने वाले से पूछताछ की जा रही है। इधर, सोमवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में अस्सी स्थित मुमुक्षु भवन में रहने वाले दंडी स्वामियों और गंगा सेवा अभियान के लोगों ने एक दिवसीय मौन धरना दिया। अखिल भारतीय दंडी सन्यासी महासभा के महामंत्री स्वामी ईश्चरानन्द तीर्थ ने बताया कि आदि विशेश्वर प्रकट हो चुके हैं।
अतः उन्हें पूजा-भोग एवं आरती से वंचित रखना करोड़ों सनातनियों के साथ स्वयं भगवान शिव के साथ अन्याय है। प्रशासन तत्काल शंकराचार्य के शिष्य प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अथवा योग्य पुजारी भेजकर पूजन भोग-आरती संपन कराए। उन्होंने कहा कि तमाम दंडी सन्यासी अविमुक्तेश्वरानंद के अन्न जल त्याग तपस्या करने का समर्थन करते है।
गंगा सेवा अभियान के भारत प्रमुख राकेश चन्द्र पांडेय ने कहा कि सरकार और प्रशासन जनभावनाओं को समझते हुए तत्काल भोग आरती शुरू कराए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनशन को देखते हुए श्रीविद्या मठ और उसके आसपास के क्षेत्र में पुलिस फोर्स तैनात है। वाराणसी कमिश्नरेट के अफसरों ने पुलिस और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट को अलर्ट रहने को कहा है।
तीन किलो घटा अविमुक्तेश्वरानंद का वजन
आश्रम की ओर से जारी सूचना के अनुसार अन्न-जल त्याग करने का असर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की सेहत पर पड़ रहा है। चार जून को उनका ब्लड प्रेशर 133-86 रहा, वजन 78 किलो था। वहीं पांच जून को उनका ब्लड प्रेशर 140-92 हो गया और वजन तीन किलो कम होकर 75 किलोग्राम हो गया था। शुगर का मरीज होने के कारण उनके शिष्य उनकी सेहत को लेकर चिंतित हैं। डॉक्टर लगातार स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद श्रीविद्यामठ के गेट पर ही आसन लगाकर बैठे हुए हैं और उनको मठ से निकलने पर पुलिस ने रोक लगा रखी है। बता दें, कि ज्ञानवापी में मिले तथाकथित शिवलिंग की पूजा के लिए जाने का प्रयास करने पर प्रशासन द्वारा रोकने से क्षुब्ध होकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शनिवार की सुबह से अन्न जल त्याग दिया है। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि वह अपनी बात पर अटल हैं और महादेव का पूजन करके रहेंगे।