फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Gyanvapi Case of 1991 order today and application to make party also be heard in varanasi

Gyanvapi Case: ज्ञानवापी के मूल वाद को दूसरे कोर्ट में स्थानांतरण करने की अर्जी खारिज, जानें पूरा आदेश

Mon, 07 Jul 2025 06:47 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Mon, 07 Jul 2025 06:47 PM IST
सार

Gyanvapi Case: ज्ञानवापी से जुड़े दो मामलों की सुनवाई आज कोर्ट में होनी है। इनमें एक 1991 से लंबित मूल वाद की अर्जी को खारिज कर दिया।

विज्ञापन
Gyanvapi Case of 1991 order today and application to make party also be heard in varanasi
Gyanvapi Case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Varanasi News: जिला जज जय प्रकाश तिवारी की कोर्ट ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्टट्रैक) की अदालत में ज्ञानवापी के लंबित मुकदमे को अन्य अदालत में स्थानांतरित करने के लिए दाखिल स्व. हरिहर पांडेय की पुत्रियों मणिकुंतला तिवारी, नीलिमा मिश्रा व रेणु पांडेय के प्रार्थना पत्र को सोमवार को खारिज कर दिया।

विज्ञापन


जिला जज की कोर्ट में बेटियों की ओर से अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव ने 21 मई को आवेदन दिया। आवेदन में कहा गया कि वर्ष 1991 के ज्ञानवापी के पुराने मामले सिविल जज (सीडि) द्रुतगामी न्यायालय वाराणसी के न्यायालय में विचाराधीन है। उक्त वाद में 20 मई को सुनवाई के दौरान विपक्षीगण ने बेटियों के पक्षकार बनने संबंधित अर्जी पर संपूर्ण बहस करने नहीं दी जा रही है।
विज्ञापन


न्यायालय पर दबाव बनाया जा रहा है कि जल्द से जल्द येन-केन प्रकारेण प्रार्थीगण की प्रार्थना पत्र पर पूरे तथ्य को न्यायालय के संज्ञान में लाये जाने और वास्तविक तथ्यों को उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ तर्कपूर्ण तथ्यों के साथ बहस के जरिए रखे जाने और बहस को शीघ्रातिशीघ्र समाप्त किया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

अदालत में पक्ष रखने के लिए उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है। इस पर वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने प्रार्थना पत्र की पोषणीयता पर सवाल उठाते हुए इसे निरस्त करने की मांग की। यह भी दलील दी कि कई तिथियों पर पुत्रियों की ओर से पक्ष रखा जा चुका है।

कोर्ट ने बेटियों की अर्जी खारिज कर दी। पक्षकार बनने संबंधित लंबित सिविल जज सीनियर डिविजन (एफटीसी) की अदालत में अब 11 जुलाई की तिथि नियत की है। इसमें वादमित्र की ओर से बेटियों की ओर से वादमित्र से हटाने की अर्जी पर आपत्ति दाखिल की गई है।

ज्ञानवापी के अन्य मामले में अब एक सितंबर को होगी सुनवाई
सिविल जज सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक की अदालत में सोमवार को ज्ञानवापी संबंधित एक अन्य मामले में सुनवाई टल गई। कोर्ट ने इस मामले अगली सुनवाई एक सितंबर की तिथि नियत की है। विष्णु गुप्ता आदि ने कोर्ट में वाद दाखिल कर कहा है कि ज्ञानवापी में गैर हिंदुओं के प्रवेश को वर्जित किया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed