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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Gyanvapi Case Obstacles in survey of Gyanvapi campus is not right all parties should accept report

Gyanvapi Case: ज्ञानवापी परिसर के सर्वे में बाधा ठीक नहीं, रिपोर्ट स्वीकारें सभी पक्ष; मंदिर के मॉडल का अनावरण

Mon, 31 Jul 2023 08:38 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 31 Jul 2023 08:38 AM IST
सार

श्री आदि महादेव काशी धर्मालय मुक्ति न्यास की तरफ से चौकाघाट स्थित गिरजादेवी सांस्कृतिक संकुल में राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं प्राचीन आदि विश्वेश्वर मंदिर ज्ञानवापी के मॉडल अनावरण समारोह का आयोजन किया गया। दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि ज्ञानवापी मामले में एएसआई सर्वे पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। सर्वे से सच सामने आएगा। 

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Gyanvapi Case Obstacles in survey of Gyanvapi campus is not right all parties should accept report
राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान श्री आदि विश्वेश्वर मंदिर ज्ञानवापी के प्रतिरूप मॉडल का किया गया अनावरण। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्री आदि महादेव काशी धर्मालय मुक्ति न्यास के बैनर तले रविवार को काशी से आदिविश्वेश्वर की मुक्ति का शंखनाद हुआ। प्राचीन आदि विश्वेश्वर मंदिर ज्ञानवापी के भव्य, नव्य मॉडल का अनावरण किया गया। साथ ही कहा गया कि ज्ञानवापी परिसर के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से सर्वे में बाधा ठीक नहीं है। 
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सर्वे की जो भी रिपोर्ट आए, सबको स्वीकार करके आगे बढ़ना चाहिए। श्री आदि महादेव काशी धर्मालय मुक्ति न्यास की तरफ से चौकाघाट स्थित गिरजादेवी सांस्कृतिक संकुल में राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं प्राचीन आदि विश्वेश्वर मंदिर ज्ञानवापी के मॉडल अनावरण समारोह का आयोजन किया गया। 
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दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि ज्ञानवापी मामले में एएसआई सर्वे पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। सर्वे से सच सामने आएगा। एएसआई का किसी पक्ष से कोई लेना-देना नहीं रहता है। इस मामले में आंदोलन जैसी कोई बात नहीं है। हां, विश्वास की शुरूआत जरूर हुई है। भाजपा सरकार भी सच के साथ है। एएसआई सर्वे को स्वीकार करना चाहिए।
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दिल्ली के पूर्व विधायक कपिल मिश्रा ने कहा कि ज्ञानवापी के एएसआई सर्वे को क्यों रोका जा रहा है? जबकि यह सर्वे वैज्ञानिक प्रक्रिया है। दूसरे पक्ष को डर है कि ज्ञानवापी का सच बाहर न आ जाए। मगर, न्यायालय पर भरोसा है। एएसआई सर्वे जरूर होगा। 

उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने देश के मंदिरों को ही नुकसान नहीं पहुंचाया बल्कि हिंदुओं पर अत्याचार किया। धर्म परिवर्तन करवाया। ज्ञानवापी प्रकरण में जो लोग मुस्लिम पक्ष की तरफ से खड़े हैं, उनके वंशज भी हिंदू ही थे। सब औरंगजेब के अत्याचार के शिकार हुए थे। कपिल मिश्रा ने धर्म छिपाकर प्रेम व विवाह करना और हलाला को देश के लिए जहर बताया। 

 

साथ ही कहा कि देश की बेटियां व बच्चे इसके शिकार हो रहे हैं। इस मुद्दे जागरूकता जरूरी है। स्वामी दीपांकर महाराज ने कहा कि ज्ञानवापी मामले में चर्चा व परिचर्चा होनी चाहिए। यह जिम्मेदारी हर सनातनी की है। शिव हमारे शीश, श्रीराम प्राण और भगवान श्रीकृष्ण प्रज्ञा हैं। इन्हें छोड़कर हम कहां जाएंगे। 

 

बाबा विश्वनाथ की कृपा होगी तो सब जरूर अपना होगा। इसके लिए गली-मुहल्लों में जन जागरूकता फैलाने वाले योद्धाओं की जरूरत है। उन्होंने उपस्थित लोगों को ज्ञानवापी के मुद्दे पर आगे आने व संघर्ष करने वालों की मदद की अपील की। संकल्प भी दिलाया।

बदला गया देश के साढ़े चार लाख मंदिरों का स्वरूप
वरिष्ठ पत्रकार सुरेश चौहान ने कहा कि काशी के बाद देश के अन्य मंदिरों के संरक्षण की जरूरत है। उनके सच भी सामने आने चाहिए। इसके लिए मॉडल बनाकर काम करना होगा, ताकि हिंदुओं पर लगे कलंक की निशानियों को मिटाया जा सके, तभी हमारी बात सुनी जाएगी। इसके लिए त्याग करना होगा। मंदिर बनाने के साथ ही इसे बचाना भी जरूरी है। देश के साढ़े चार लाख मंदिरों का स्वरूप बदला गया है।

हर जगह एएसआई से सर्व कराया जाए तो सच सामने आ जाएगा। मंदिर अपने हिंदुओं को मिल जाएंगे। इस उद्देश्य के साथ काम करना होगा। उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की मांग की है। साथ ही हिंदुओं के आराध्यों पर बन रही अश्लील फिल्मों का विरोध किया। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक श्रीकांत मिश्र ने आदि विश्वेश्वर के धार्मिक मान्यता और ज्ञानवापी के महत्व को बताया है।
 

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने ज्ञानवापी प्रकरण के न्यायालय कानूनी प्रक्रिया के बारे बताया । उन्होंने कहा कि देश में जितने भी मंदिर टूटे हैं, उसे वापस लिया जाएगा। इसका संकल्प लिया। है। कानूनी तरीके से अयोध्या के बाद काशी, फिर मथुरा में हिंदुओं का सम्मान स्थापित किया जाएगा। एएसआई सर्वे से सच सामने आएगा।
 

ज्ञानवापी का सच व सबूत पत्रिका का विमोचन
अतिथियों ने ज्ञानवापी पर पत्रिका का विमोचन किया। इसका नाम ज्ञानवापी का सच व सबूत है। इसमें सर्वे व पहले की पुरानी तस्वीरें हैं। बताया गया है कि ज्ञानवापी हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है। इसे औरंगजेब ने ध्वस्त करने का दुस्साहस किया था।

ज्ञानवापी मामले की महिला वादिनी सम्मानित
ज्ञानवापी मामले की चार वादिनी महिला सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास व लक्ष्मी देवी काे सम्मानित भी किया गया। इससे अतिथियों ने संकुल परिसर में पौधरोपण किया। कार्यक्रम का संचालन सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने किया। धन्यावाद ज्ञापन उद्यमी राजेश भाटिया ने किया। इस मौके पर उद्यमी आरके चौधरी, अरविंद रस्तोगी, मनोज मद्धेशिया, कुलदीप तिवारी, अधिवक्ता रंजना, सोहनलाल आदि मौजूद रहे।

देशभर में जाएगा मॉडल व लगेगी प्रदर्शनी
भाजपा नेता व दिल्ली से पूर्व विधायक कपिल मिश्रा ने आदि विश्वेश्वर के प्राचीन मॉडल और इसकी प्रदर्शनी को दिल्ली में भी लगाने की मांग की है। वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने आदि विश्वेश्वर मंदिर के मॉडल व प्रदर्शनी को दिल्ली समेत देशभर में प्रदर्शित करने की घोषणा की है।
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