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Gyanvapi Case: ज्ञानवापी प्रकरण में नया मोड़, हिंदू पक्ष ने बनाया नया ट्रस्ट, मुस्लिम पक्ष की बहस पूरी

Tue, 12 Jul 2022 04:51 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Tue, 12 Jul 2022 04:51 PM IST
सार

प्रकरण में हिंदू पक्ष की ओर से वाराणसी निवासी चार महिला वादियों ने ट्रस्ट बनाया है। इस ट्रस्ट पर कोर्ट में जारी मामले को देखने की जिम्मेदारी होगी।

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Gyanvapi Case new twist Hindu side formed Adi Mahadev Kashi Dharmalay Mukti trust shrinagr hearing is to be held 12 july
वाराणसी की वादी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी प्रकरण में मंगलवार को मुस्लिम पक्ष की बहस पूरी हो गई। साथ ही हिंदू पक्ष की भी आधा घंटा बहस हुई। इस मामले में एक नया मोड़ भी आ गया है। प्रकरण में हिंदू पक्ष की ओर से वाराणसी निवासी चार महिला वादियों ने ट्रस्ट बनाया है। इस ट्रस्ट पर कोर्ट में जारी मामले को देखने की जिम्मेदारी होगी। इससे पहले सोमवार को हिंदू पक्ष ने ट्रस्ट बनाए जाने का एलान किया। ट्रस्ट का नाम श्री आदि महादेव काशी धर्मालय मुक्ति न्यास रखा गया है। ट्रस्ट कोर्ट के मामलों को देखेगा। मुकदमे में होने वाला खर्च भी वहन करेगा।

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अदालत में हिंदू पक्ष के पैरोकार सोहन लाल आर्य ने बताया कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों की मलदहिया स्थित विवेकानंद कॉलोनी में बैठक हुई। बैठक में ही ट्रस्ट के बारे में एलान किया गया और आगे की रणनीति तय की गई। 
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इस बैठक में पांच अतिथि, 11 ट्रस्टी, 21 सम्मानित ट्रस्टी, शृंगार गौरी मामले की चार वादी महिलाएं शामिल रहीं। ट्रस्ट का नियमत: रजिस्ट्रेशन कराया गया है। ट्रस्ट के लिए विष्णु शंकर जैन ने 51 हजार रुपये और एक अन्य ने 21 हजार रुपये का चेक देकर शुरुआत की है।

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ज्ञानवापी मस्जिद मामले में हिंदू पक्ष की ओर से शृंगार गौरी के पूजन के लिए अभियान शुरू किया गया है। मस्जिद परिसर के वजूखाने में मिले शिवलिंग के पूजन-अर्चन और मुस्लिम पक्ष से मुक्त कराने के लिए लगातार पैरवी की जा रही है। इस पर खर्च के साथ ही मामले के प्रबंधन के लिए ही ट्रस्ट बनाया गया है। 

ट्रस्ट मामले की समय-समय पर समीक्षा कर आगे की रणनीति भी तय करेगा। बैठक में वादी महिलाओं लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास, रेखा पाठक के अलावा हरिशंकर जैन के पुत्र विष्णु शंकर जैन, लालबाबू जायसवाल, रंजना अग्निहोत्री, कुलदीप तिवारी आदि मौजूद रहे।

जिला जज की अदालत में कल है अहम सुनवाई

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वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर स्थित श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन व अन्य विग्रहों के संरक्षण मामले में जिला जज की अदालत में आज अहम सुनवाई होनी है। मामले में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी (मुस्लिम पक्ष) ने दाखिल 51 बिंदुओं पर आपत्ति पर दलील पूरी कर ली है।

आज मुस्लिम पक्ष अदलात में कानूनी बिंदुओं पर दलील रखते हुए कोर्ट से गुजारिश करेगा कि यह वाद ऑर्डर 7 रूल 11 के तहत सुनवाई योग्य नहीं है और राखी सिंह समेत 5 महिलाओं की तरफ से दाखिल वाद को खारिज किया जाए। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पांच महिलाओं की तरफ से 51 बिंदुओं पर शृंगार गौरी के नियमित दर्शन के लिए दाखिल वाद के सुनवाई योग्य है या नहीं पर बहस चल रही है। 

हिंदू पक्ष के अधिवक्ता वाद के समर्थन में पेश करेंगे दलीलें

वादी पक्ष के अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने बताया कि अगली तारीख पर मुस्लिम पक्ष की पोषणीयता के बिंदु पर बहस हो जाने के बाद पांच महिलाओं की तरफ से हिंदू पक्ष के अधिवक्ता वाद के समर्थन में दलीलें पेश कर स्थिति स्पष्ट करेंगे। इसी आधार पर अदालत में बताएंगे कि यह मामला सुनवाई योग्य है और यहां विशेष धर्म उपासना स्थल विधेयक 1991 लागू नहीं होगा।

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