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कोर्ट की खबरें: ज्ञानवापी मामले में पक्षकार बनने की अर्जी पर टली सुनवाई, यौन शोषण के दोषी को 20 साल की सजा
Tue, 08 Apr 2025 12:19 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 08 Apr 2025 12:19 AM IST
सार
Varanasi News: ज्ञानवापी केस में पक्षकार बनने की अर्जी पर सोमवार को सुनवाई टल गई। अब इस पर 10 अप्रैल को सुनवाई होगी। वहीं एक मासूम से यौन शोषण के दोषी को 20 साल की सजा सुनाई गई।
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Gyanvapi Case
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सिविल जज (सीनियर डिवीजन / फास्ट ट्रैक कोर्ट) युगल शंभू की अदालत में सोमवार को ज्ञानवापी के वर्ष 1991 के लॉर्ड विश्वेश्वर के मामले में सुनवाई हुई। मुकदमे के वादी रहे हरिहर पांडेय के निधन के बाद उनकी बेटियों मणिकुंतला तिवारी, नीलिमा मिश्रा और रेनू पांडेय की पक्षकार बनाए जाने की अर्जी पर सुनवाई टल गई है। पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण आज सुनवाई नहीं हो पाई। इस मामले में अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी।
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मासूम से यौन शोषण के दोषी को 20 साल की सजा
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) विनोद कुमार की अदालत ने पांच वर्षीय मासूम बच्ची से यौन शोषण के मामले में आरोपी तूफानी कुमार को दोषी पाया है। अदालत ने दोषी को 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही, कोर्ट ने दोषी पर 60 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़िता के पिता ने शिवपुर थाने में वर्ष 2018 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि 11 जुलाई 2018 को तूफानी कुमार उसकी पांच वर्षीय पुत्री को बहल-फुसलाकर जंगल में ले गया और यौन शोषण किया। जब उसकी लड़की घर आई तो डर के मारे रो रही थी। बाद में तूफानी का नाम लेकर बताई कि उसने हमारे साथ गलत हरकत की। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्ष को सुनने और साक्ष्य के अवलोकन के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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