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Gyanvapi Case: अखिलेश यादव और ओवैसी पर मुकदमा दर्ज करने को लेकर निगरानी याचिका पर अब 17 जून को सुनवाई

Mon, 29 May 2023 02:54 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 29 May 2023 02:54 PM IST
सार

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के दौरान मिले कथित शिवलिंग के पास गंदगी फैलाने और बयानबाजी मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर मुकदमा दर्ज करने को लेकर दाखिल निगरानी याचिका पर अब 17 जून को सुनवाई होगी।

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Gyanvapi Case Hearing on monitoring petition for filing case against Akhilesh Yadav and Owaisi
वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के दौरान मिले कथित शिवलिंग के पास गंदगी फैलाने और बयानबाजी मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और सांसद असदुद्दीन ओवैसी समेत कई लोगों पर मुकदमा दर्ज करने को लेकर दाखिल निगरानी याचिका पर अब 17 जून को सुनवाई होगी। इस मामले में विपक्षियों को भेजी गई नोटिस के तामिला की रिपोर्टर नहीं आने पर सुनवाई 17 जून तक टल गई।

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यह निगरानी याचिका हरिशंकर पांडेय ने दाखिल की है। अपर जिला जज नवम विनोद कुमार की अदालत में यह निगरानी लंबित है। इस मामले में निगरानी याचिका विचारार्थ स्वीकार करते हुए बीते पांच मई को पक्षकारों को पक्ष रखने के लिए पुनः नोटिस जारी की गई थी। उसका तामिला रिपोर्ट अभी तक कोर्ट नहीं आई है। उसके इंतजार में अगली तारीख तय कर दी गई।
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वादी हरिशंकर पांडेय ने कोर्ट में अर्जी के जरिए शिकायत की थी कि ज्ञानवापी परिसर स्थित वुजूखाने में मिली शिवलिंग की आकृति के संबंध में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भड़काने वाला बयान दिया था। कोर्ट कमीशन की कार्रवाई के दौरान विशेष वर्ग के सैकड़ों लोगों ने ज्ञानवापी परिसर में भड़काऊ नारेबाजी की।

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अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल वाकी, मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, कमेटी के संयुक्त सचिव सैय्यद मोहम्मद यासीन ने विवादित बयान दिया जो आपराधिक श्रेणी मेंआता है। इसलिए इन सभी के खिलाफ केस दर्ज किया जाए।

अदालत ने कई सुनवाई के बाद अर्जी खारिज कर दी थी। वादी ने आदेश को जिला जज की अदालत में निगरानी अर्जी के जरिए चुनौती दी। जिला जज की अदालत ने केस को एडीजे कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था। एडीजे कोर्ट ने नोटिस जारी कर सभी से जवाब मांगा है।

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