फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Gyanvapi Case Hearing on demand of ban on entry of Muslims now on 15th Anjuman side arguments complete

Gyanvapi Case: मुस्लिमों के ज्ञानवापी प्रवेश पर रोक की मांग पर सुनवाई अब 15 को, अंजुमन की दलीलें पूरी

Thu, 13 Oct 2022 08:54 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 13 Oct 2022 08:54 PM IST
सार

ज्ञानवापी मस्जिद गिराकर हिंदुओं को सौंपने, मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक संबंधी वाद सुनवाई योग्य है या नहीं, इस मुद्दे पर सुनवाई अब 15 अक्तूबर को होगी।  ट्रैक कोर्ट में मुस्लिम पक्ष की दलीलें पूरी होने के बाद हिंदू पक्ष ने जिरह शुरू की है। 

विज्ञापन
Gyanvapi Case Hearing on demand of ban on entry of Muslims now on 15th Anjuman side arguments complete
ज्ञानवापी मस्जिद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्ञानवापी मस्जिद गिराकर हिंदुओं को सौंपने, मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक संबंधी वाद सुनवाई योग्य है या नहीं, इस मुद्दे पर सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट महेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की तरफ से जारी दलीलें तीसरे दिन गुरुवार को पूरी कर ली गई। इसमें कानूनी नजीरें दाखिल कर कहा गया कि वाद सुनवाई योग्य नहीं है और इसे खारिज कर दिया जाए।

विज्ञापन


अंजुमन की दलीलों का जवाब हिंदू पक्ष यानि आदि विश्वेशश्वर के वाद मित्र किरन सिंह की तरफ से अधिवक्ता मानबहादुर सिंह ने दिया। कहा कि मामला पब्लिक इंट्रेस्ट का नहीं है, बल्कि देवता की संपत्ति है। कानूनन देवता नाबालिग हैं, ऐसे में देवता आदि विश्वेश्वर और स्थान विश्वेश्वर का वाद मित्र बनकर किरन सिंह व दो अन्य ने यह वाद दाखिल किया है।

विज्ञापन

वक्फ कानून हिंदुओं पर नहीं होता लागू

मस्जिद को वक्फ की प्रापर्टी बताते हुए क्षेत्राधिकार को चुनौती देने की दलील पर कहा कि वक्फ बोर्ड का कोई भी कानून हिंदुओं पर लागू नहीं होता है। अधिवक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में जो विश्वनाथ मंदिर बना है, उसे अहिल्याबाई होल्कर ने 1776 में बनवाया था, जबकि मूल आदि विश्वेश्वर का मंदिर ज्ञानवापी परिसर में है, जिसे औरंगजेब ने तोड़कर मस्जिद बनवाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

Gyanvapi Case Hearing on demand of ban on entry of Muslims now on 15th Anjuman side arguments complete
वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

इस बाबत ऐतिहासिक साक्ष्य पेश करते हुए पर्यटन विभाग के बुकलेट की फोटो प्रति कोर्ट में दाखिल की गई। इसमें इस बात का जिक्र है कि वर्तमान मंदिर से थोड़ी दूर आदि विश्वेश्वर का मूल मंदिर है, जिस पर मस्जिद खड़ा कर दिया गया है। मस्जिद वक्फ की प्रॉपर्टी है और राजस्व रिकार्ड में दर्ज है के मुद्दे पर कहा कि यह गलत या सही दर्ज है।

Gyanvapi Case Hearing on demand of ban on entry of Muslims now on 15th Anjuman side arguments complete
मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता रईस अहमद और एखलाक अहमद - फोटो : अमर उजाला

इसको परखने का अधिकार सिविल कोर्ट को है। यह भी कहा कि वक्फ प्रापर्टी तभी हो सकती है, जब इसे कोई गिफ्ट करे, पर किसने गिफ्ट किया और कैसे वक्फ प्रापर्टी हो गया। इस पर विचार सिविल कोर्ट ही करेगी। अभी अदालत में हिंदू पक्ष की तरफ से दलील जारी है और अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 15 अक्तूबर नियत कर दी।

ज्ञानवापी में गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित करने की मांग का एक और वाद दाखिल

सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में ज्ञानवापी को लेकर एक और वाद झारखंड निवासी पर्यावरण विद प्रभुनारायन की तरफ से अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने दाखिल किया।  वाद में शृंगार गौरी दृश्य व अदृश्य  देवताओं के राग भोग, दर्शन पूजा, गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करने और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित करने की मांग की गई है।

वाद में आस्था के साथ वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर अनुतोष दिए जाने का अनुरोध किया गया है।  सिविल जज सीनियर डिवीजन कुमुदलता त्रिपाठी के अवकाश पर रहने के कारण मामला सिविल जज सीनियर डिवीजन फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट महेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में पेश हुआ। इसमें नोटिस देने के दो महीने की मियाद से छूट देने का अनुरोध सीपीसी 80 के तहत किया गया। अदालत ने सुनवाई के बाद आदेश के लिए पत्रावली सुरक्षित रख ली है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed