ASI Survey: पहली बार हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी में वैज्ञानिक सर्वेको न्याय हित में बताया, अब तक तीन बार रुका सर्वे
Gyanvapi Asi Survey: ज्ञानवापी स्थित सील वजूखाने को छोड़कर शेष अन्य हिस्से का सर्वे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम शुक्रवार की सुबह सात बजे से फिर शुरू करेगी।
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अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की अपील पर ज्ञानवापी परिसर में एएसआई से सर्वे का काम अब तक तीन बार रुक चुका है। पहली बार ऐसा हुआ है कि मसाजिद कमेटी की आपत्तियों को खारिज करके इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी में एएसआई को सर्वे को जारी रखने का आदेश दिया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट ने ही सर्वे के आदेश पर रोक लगाई थी।
स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ मामले में फैसला सुरक्षित
प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी के प्रार्थना पत्र पर पहली बार जिला अदालत ने आठ अप्रैल 2021 को ज्ञानवापी में रडार तकनीक से एएसआई को सर्वे का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ अपील किए जाने पर सितंबर 2021 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सर्वे पर रोक लगा दी थी। फिलहाल, मुकदमा अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। कभी भी आदेश आ सकता है।
हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम रोक
12 मई 2023 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में मिली शिवलिंग जैसी आकृति की कार्बन डेटिंग और वैज्ञानिक पद्धति से सर्वे का आदेश दिया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर 19 मई को सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। यह मामला अब भी सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है।
पहले रोक, अब सर्वे का रास्ता साफ
21 जुलाई 2023 को जिला अदालत डॉ अजय कृष्ण विश्ववेश की अदालत ने ज्ञानवापी परिसर स्थित सील वजूखाना को छोड़कर शेष अन्य हिस्से के सर्वे का आदेश एएसआई को दिया था। 24 जुलाई को एएसआई ने सर्वे का काम शुरू किया तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश से उस पर 26 मई की शाम पांच बजे तक रोक लगा दी गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मसाजिद कमेटी इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया।
25, 26 और 27 जुलाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। 27 जुलाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सर्वे के काम पर लगी रोक जारी रखते हुए आदेश सुनाने के लिए तीन अगस्त की तिथि नियत की थी। बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि न्याय के हित में ज्ञानवापी में वैज्ञानिक सर्वेक्षण जरूरी है।