गार्ड की हत्या: आधी रात को पोस्टमार्टम हाउस से सीधे रामघाट पर पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार, बेटे ने दी मुखाग्नि
जौनपुर में सोमवार को लूट की नीयत से बदमाशों ने एटीएम कैश वैन के गार्ड को गोली मारी थी। पत्नी ने कहा, आर्थिक स्थिति कमजोर होने से पति के शव को घर नहीं ला सकी। एनकाउंटर में बदमाशों के मारे जाने पर बोलीं - पुलिस ने अच्छा किया।
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उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद में सोमवार और मंगलवार को गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजती रही। एक ओर सोमवार को लूट की नीयत से बदमाशों ने एटीएम के कैश वैन के गार्ड की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तो वहीं जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश भी घायल हुए थे। इसी मामले में पुलिस ने 14 घंटे बाद गार्ड की हत्या के आरोपियों को मुठभेड़ में मार दिया। बदमाशों ने पुलिस पर भी फायरिंग की। गोली चलने से धनियामऊ बाजार और सिंगरामऊ क्षेत्र दहल गया।
वहीं दूसरी ओर गार्ड की पत्नी का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इस वजह से पुलिस ने दवाब बनाया तो वह भी शव को घर न लाने पर राजी हो गईं। मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के बीरबलपुर निवासी गार्ड राम अवध चौबे की हत्या के बाद पुलिस ने उनका शव घर नहीं भेजा। पोस्टमार्टम हाउस से सीधे रामघाट ले जाकर अंतिम संस्कार करा दिया। गार्ड के 15 वर्षीय बेटे हरिओम ने पिता को मुखाग्नि दी। पोस्टमार्टम के बाद पत्नी पति के अंतिम दर्शन भी नहीं कर सकी।
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर
घटना के अनुसार, जौनपुर के बक्शा थाना क्षेत्र के धनियामऊ बाजार में सोमवार अपराह्न एजीएस कंपनी की कैश वैन इंडिया-वन एटीएम में पैसे डालने पहुंची थी। इस दौरान बदमाशों ने गोली मारकर गार्ड राम अवध चौबे की हत्या कर दी थी। राम अवध चौबे की पत्नी रंजू देवी का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। आरोप है कि पुलिस ने घटनास्थल से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए पुलिस ने दबाव बनाकर सोमवार की मध्य रात्रि ही पोस्टमार्टम हाउस से सीधे रामघाट ले जाकर शव का अंतिम संस्कार कराया।
बदमाशों के मारे जाने से कलेजे को पहुंची ठंडक
रामअवध चौबे की हत्या के 14 घंटे बाद पुलिस ने मुठभेड़ में दो आरोपियों को मार दिया। एसपी अजय साहनी के मुताबिक मंगलवार की सुबह साढ़े पांच बजे सिंगरामऊ थाना क्षेत्र के बहरा पीली नदी के समीप हाईवे और रेलवे क्रासिंग के बीच मुठभेड़ हुई। बदमाशों की पहचान अभिषेक गौतम निवासी सरोखनपुर थाना बदलापुर और नितिन मौर्य निवासी सिरकिना थाना सिंगरामऊ के रूप में हुई है। अमर उजाला के माध्यम से जब दोनों बदमाशों के एनकाउंटर की खबर गार्ड की पत्नी रंजू देवी को मिली तो उन्होंने कहा कि बदमाशों के मारे जाने से उनके कलेजे को ठंडक जरूर पहुंची है। लेकिन, आर्थिक स्थिति कमजोर होने के नाते शव को वह घर नहीं ला सकी। यह दुख भी दर्द दे रहा है।
आठ साल पहले गार्ड की नौकरी शुरू की
बीरबलपुर निवासी रामअवध चौबे ने आठ साल पहले गार्ड के तौर पर एजीएस कंपनी में नौकरी शुरू की थी। रामअवध अपनी दो संतानों में बड़ी बेटी 19 वर्षीय अंशिका की शादी कर चुके थे। वहीं 15 वर्षीय पुत्र हरिओम दसवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा है। उनकी हत्या की खबर आते ही घर पर कोहराम मच गया। मां विमला देवी व पत्नी रंजू देवी बेसुध हो जा रही थीं। घटना से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया है। ढांढस बंधाने के लिए घर पर ग्रामीणों का तांता लगा है।
इस संदर्भ में एएसपी सिटी डॉ. संजय कुमार का कहना है कि पुलिस पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेगा। आर्थिक सहयोग दिलाया जाएगा। पीड़ित परिवार पर किसी तरह का दवाब नहीं बनाया गया। गार्ड के बेटे ने ही शव को मुखाग्नि दी।