जीएसटी के इस नए नियम ने कारोबारियों की बढ़ाई टेंशन, अब हर माह करना होगा यह काम
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गुड्स सर्विस टैक्स कानून नियमों में हो रहे बदलाव से कारोबारियों की टेंशन बढ़ी हुई है। यह नहीं समझ पा रहे हैं कि अब वह क्या करें, क्योंकि हर माह की 11 तारीख तक जीएसटी में पंजीकृत कारोबारियों को जीएसटीआर-वन दाखिल करना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा नहीं करने वाले कारोबारियों की आईटीसी क्लेम फंस जाएगी और फिर परेशानी बढ़ती चली जाएगी।
वाराणसी के सीए जय प्रद्धवानी ने बताया कि व्यापारी यदि जीएसटीआर-वन समय से दाखिल नहीं करता है तो जिन व्यापारियों को उसने माल बेचा था, उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी आईटीसी का लाभ नहीं मिल पाएगा।
जीएसटीआर-वन दाखिल करने की अंतिम तिथि हर माह की अगली 11 तारीख रखी गई है। जिन व्यापारियों की वार्षिक बिक्री 2019-20 या 2020-21 के दौरान 1.50 करोड़ से ज्यादा है, उन्हें जनवरी माह की बिक्री से संबंधित सारी जानकारी जीएसटीआर-वन 11 फरवरी तक दाखिल करना अनिवार्य है अन्यथा जिन व्यापारियों को उसने माल बेचा है, उन्हें आईटीसी से वंचित रहना पड़ेगा।
वहीं जिनकी वार्षिक बिक्री 1.50 करोड़ से अधिक है और वार्षिक बिक्री 1.50 करोड़ से कम है, उनके लिए अंतिम तिथि अगले माह की 13 तारीख तय की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से भले व्यापारियों को शुरू में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। लेकिन अब फर्जी बिलिंग व गलत तरीके से आईटीसी लेने वालों पर अंकुश लगेगा। वहीं, कैट के पूर्वांचल प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने कहा कि जीएसटी के नये प्रावधानों से डीलर की तरफ से समय से बिल अपडेट न करने पर विक्रेताओं के लिए मुसीबतें बढ़ सकती है। वजह, सर्वर और नेट की समस्या के चलते ऐसा संभव है।