आर्थिक परतंत्रता से मुक्ति का प्रतीक है जीएसटी : योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिपलानी स्थित सरोजा पैलेस में ‘100 दिन विश्वास के’ विषयक संगोष्ठी में कहा कि जीएसटी आर्थिक परतंत्रता से मुक्ति का प्रतीक है। इंस्पेक्टर राज खत्म होगा। ऑनलाइन होने से कई तरह की समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। सामान सस्ते होंगे, उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा उपभोक्ता प्रदेश है।
भाजपा महानगर की ओर से आयोजित संगोष्ठी में मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि केंद्र और राज्य की योजनाओं लाभ पात्रों को दिलाने में मदद करें। जीएसटी को एक आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है। जीएसटी पर जिलों में गोष्ठी होगी। इसमें शासन-प्रशासन मदद करेगा। हर समस्या का निवारण किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि ‘एक देश दो प्रधान दो विधान’ नहीं चलेगा। पीएम ने एक देश एक बाजार एक टैक्स का सपना साकार किया है। जीएसटी से विकास को बढ़ावा मिलेगा। पहले यूपी का बजट तीन से 3.5 लाख करोड़ रुपये था जिसे बढ़ाकर चार लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाएंगे।
सीएम ने कहा कि बीते 12-15 सालों में बिगड़ी व्यवस्था थी। प्रदेश में राजनीति का अपराधीकरण और अपराध का राजनीतिकरण था। अपराध को व्यापार से जोड़कर प्रशासनिक तंत्र में ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर भ्रष्टाचार का उद्योग बनाया गया था। परिवारवाद हावी रहा। अब नई कार्य संस्कृति का जन्म हुआ है। जहां बीते 50 साल में गरीबों के बैंक में खाते नहीं खोले गए, वहां 25 करोड़ गरीबों के खाते खोले गए।
दूसरे सत्र के अतिथि प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल ने कहा कि सुरक्षित भारत से ही विकसित भारत बनेगा। भ्रष्टाचार से मुक्त भारत केंद्र सरकार की देन है। उन्होंने कहा कि दिसंबर तक कार्यकर्ताओं की बड़ी फौज खड़ी कर दें। अभी बूथ समितियों से 17 लाख कार्यकर्ताओं की सूची मिली है, इसे 30 लाख तक पहुंचाना है।