काशी में योग का महाकुंभ: 84 घाटों पर पांच लाख लोग किए प्राणायाम, 150 स्थानों पर योग; रही सुरक्षा व्यवस्था
Varanasi News: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर काशी में योग का महाकुंभ आयोजित होगा। 84 घाटों सहित जिले के 150 स्थानों पर योग कार्यक्रम होंगे। सभी विधानसभा क्षेत्रों में आठ-आठ स्थानों पर विशेष आयोजन किए जाएंगे। प्रशासन के अनुसार करीब पांच लाख लोग सामूहिक रूप से योग और प्राणायाम कर स्वस्थ जीवन तथा फिटनेस का संदेश देंगे।
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Varanasi News: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिले में 150 स्थानों पर रविवार को योग किया जाएगा। इसमें तकरीबन पांच लाख लोग शामिल होंगे। इसके लिए प्रशासन की ओर से शनिवार शाम तैयारियां पूरी कर ली गईं। जिला प्रशासन की ओर से सभी विधानसभा क्षेत्रों में आठ-आठ स्थानों पर योग कराया जाएगा। इसमें करीब एक लाख लोग जुटेंगे।
गंगा किनारे 84 घाटों, स्कूल-कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, सरकारी दफ्तरों, मंदिरों, गुरुद्वारों, बीएचयू, सभी सरकारी अस्पतालों, ट्रामा सेंटर, आईआईटी जिमखाना, सभी सरकारी विभागों, पार्कों, पुलिस लाइन मैदान समेत विभिन्न स्थानों पर योग किया जाएगा। इसमें विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, बटुक, संत, साधु आदि शामिल होंगे।
योग दिवस से पहले काशी में ध्यान का संगम मीट मिंगल मेडिटेट का आयोजन
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को ईशा फाउंडेशन के वाराणसी केंद्र ‘सद्गुरु योगस्थल काशी’ में मीट मिंगल मेडिटेट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के व्यास भवन में आयोजित कार्यक्रम में वाराणसी और आसपास के शहरों के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, मीडिया प्रतिनिधियों, कॉरपोरेट जगत तथा सरकारी एवं शिक्षण संस्थानों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में सद्गुरु के वीडियो ‘व्हाट इज़ काशी?’ और ‘काशीज़ एनर्जी ब्लूप्रिंट’ दिखाए गए।
अखाड़े के साथ योग भी करता है डोमराजा परिवार
राग-विराग और दहकती चिताओं के बीच मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर स्वयं को स्वस्थ रखना चुनौती है। फिर भी डोमराजा परिवार के लोग अपनी सेहत बनाए रखने के लिए रोज अखाड़े जाते हैं। व्यायाम के साथ योग भी करते हैं। परिवार के विवेक चौधरी ने बताया कि हम लोग अखाड़े जाते हैं और घर पर योग करते हैं। शवदाह का कार्य करने वाले कर्मचारी भी खुद को फिट रखने के लिए अखाड़े और जिम जाते हैं।
अनुलोम-विलोम व प्राणायाम से संगीत की साधना
संगीत साधना के लिए भी योग जरूरी है। कलाकार नियमित रूप से अनुलोम-विलोम और प्राणायाम का अभ्यास करते हैं। गिरिजा देवी के शिष्य रोहित मिश्र ने बताया कि ध्यान के माध्यम से स्वयं को केंद्रित करते हैं। गले को स्वस्थ रखने के लिए काली मिर्च और शहद का प्रयोग करते हैं। सुरों में मिठास बनाए रखने के लिए मिश्री का सेवन करते हैं।
मानव जीवन में योग की उपयोगिता और प्रासंगिकता से कराया रूबरू
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर मंडुवाडीह में क्लासिकल योगा इंटरनेशनल, कोरिया धम्म योग एसोसिएशन और कैलाशपुरी सेवाश्रम ने योग कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें योग की प्रासंगिकता और मानव जीवन में उसकी उपयोगिता पर चर्चा हुई। अंतरराष्ट्रीय योग गुरु ऋषि कुमार संतोष महाराज के सान्निध्य में योग को स्वास्थ्य, समरसता, मानवता और सकारात्मक चिंतन के विकास में सहायक बताया गया।
वक्ताओं ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि समग्र कल्याण का माध्यम है। संयोजक मंडल के सदस्यों ने कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई। प्रतिभागियों ने योग को दैनिक जीवन का अंग बनाने का संकल्प लिया। देश-विदेश से आए प्रशिक्षुओं ने योगाभ्यास किया। भारतीय जनजागरण समिति, राष्ट्र जागरण अभियान और विश्व नारी अभ्युदय संगठन ने भी सहभागिता की।
एक दिन का भव्य शो, 364 दिन भाड़े के गुरुजी सिखाते हैं योग
जिले में योग दिवस औपचारिकता बन कर रह गया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर तो सरकारी तंत्र के दबाव में विशेष आयोजन हो जाते हैं। शेष 364 दिन योग सिखाने के लिए भाड़े के गुरुजी खोजे जाते हैं। साल 2015 में वाराणसी से ही पूरे देश में योग दिवस पर भव्य आयोजन की शुरुआत की गई थी। जिले में चाहे स्कूल हों, कॉलेज हों या विश्वविद्यालय हों, कहीं भी स्थायी योग शिक्षक नहीं हैं। इस बार भी जिले में 5 लाख लोगों को एक साथ योग कराने का लक्ष्य है। इसके लिए तैयारियां पूरी हैं।
राजकीय विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा के ही शिक्षक लेते हैं क्लास जिले में 31 राजकीय विद्यालयों में के वल 9 राजकीय विद्यालयों में पद हैं। उसमें भी केवल 7 में शारीरिक शिक्षक हैं जो क्लास लेते हैं। इसमें भी दो में शिक्षक नहीं हैं। योग दिवस के लिए जिला प्रशासन पूरी शिद्दत से जुटा है। वहीं, इस दिवस का दूसरा पहलू देखें तो यह दिवस सिर्फ एक औपचारिकता ही है। एक दिन भव्य आयोजन कर बड़ी संख्या में लोगों को जुटाना और योग करा के आंकड़े शासन को भेजना ही इस दिन का महत्व रह गया है।
विश्वविद्यालयों में 2014 से खाली है योग के एसोसिएट प्रोफेसर का पद: काशी में बीएचयू, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में 2014 से आज तक एसोसिएट प्रोफेसर के पद खाली हैं। जबकि विश्वविद्यालयों में इस विषय में सर्टिफिकेट कोर्स के साथ ही स्नातक और परास्नातक तक डिग्री दी जाती है।
राजकीय विद्यालयों में 2008 के बाद से प्रवक्ता शारीरिक शिक्षकों की भर्ती कराई गई। जहां पद खाली हैं वहां भी जल्द भरे जाएंगे। विश्वविद्यालयों में इन एसोसिएट प्रोफेसर का पद उन्हें खुद भरना होता है। राजभवन से इसे जल्द से जल्द भरने का निर्देश दिया गया है। सभी जगहों पर जल्द ही शिक्षकों की कमी दूर होगी। - डॉ. ज्ञान प्रकाश वर्मा, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी वाराणसी
बीएचयू में योग के महत्व पर 6 दिन चलेगी पुस्तक प्रदर्शनी
वाराणसी। बीएचयू के केंद्रीय ग्रंथालय में छह दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी शनिवार से शुरू हो गई। 25 जून तक साइबर लाइब्रेरी अध्ययन केंद्र में लगने वाली प्रदर्शनी में योग पर आधारित पुस्तकें लगाई गई हैं। प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने पुस्तकों का अवलोकन किया।
आनंद-कानन में बहेगी योग की गंगा
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून की सुबह जब सूर्य की पहली किरण बाबा विश्वनाथ की नगरी को छुएगी, तब सिगरा स्टेडियम में ‘ॐ’ के उच्चारण और मंत्रों की गूंज के साथ योग उत्सव की शुरुआत होगी। आनंद-कानन के नाम से विख्यात काशी में यह आयोजन केवल शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि मन और आत्मा को जोड़ने वाला उत्सव बनेगा। महापर्व पर इस बार काशीवासी सेहत और अध्यात्म के अनूठे संगम के साक्षी बनेंगे। नगर निगम की ओर से इस भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
योग दिवस की पूर्व संध्या पर महिलाओं ने किया योग
विश्व योग दिवस की पूर्व संध्या पर रमसीपुर गांव में ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। यह आयोजन रोहनिया विश्व ज्योति जन संचार समिति के तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को योग और प्राणायाम के महत्व से अवगत कराना था। प्रशिक्षक शर्मिला देवी ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य बेहतर होता है।