यूपी पंचायत चुनाव: ग्राम पंचायत सदस्यों के पास प्रधान से सवाल पूछने का अधिकार
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ग्राम पंचायत सदस्यों की भूमिका ग्राम पंचायतों में महत्वपूर्ण होती है। उनके पास प्रधान से सवाल पूछने का अधिकार है। इसके बावजूद वे अपने अधिकारों का कम इस्तेमाल करते हैं। पंचायत के सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजाराम वर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत सदस्यों के अधिकार बहुत होते हैं। समिति में यदि किसी बिंदु पर एक राय करनी हो तो ग्राम पंचायत सदस्य का एक मत होना अनिवार्य है। ग्राम पंचायतों में आबादी के आधार पर कम से कम 9 और अधिक से अधिक 15 की संख्या में सदस्य होते हैं।
ग्राम पंचायत में छह समितियों का गठन कर इनकी भूमिका निर्धारित की गई है। ये समितियां है, जल संसाधन समिति स्वास्थ्य समिति प्रशासनिक समिति निर्माण समिति, विकास एवं नियोजन समिति है। इन समितियों के अधिकारों के मुताबिक यदि हैड पंप लगाना हो तो जल संसाधन समिति के प्रस्ताव पर लगेगा। इसी प्रकार मिड-डे मील, मरम्मत आदि क्रिया-कलापों पर इनके प्रस्ताव और निगरानी सुनिश्चित की गई है।
नियमानुसार ग्राम पंचायतों की बैठकें सार्वजनिक अविवादित स्थल पर की जानी चाहिए। बैठकों का कार्यवृत्त पंजिका में दर्ज किया जाए। बैठकों में आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया जाए। कृषि उद्यान, पौधरोपण, शिक्षा, पल्स पोलियो, सार्वजनिक वितरण प्रणाली जल संरक्षण तालाब निर्माण आदि विषयों पर चर्चा की जाए।
खुली बैठक में गांव के सभी बालिग लोगों को शामिल होने अधिकार
15 अगस्त, 2 अक्टूबर, 26 जनवरी और 14 अप्रैल को ग्राम सभाओं की खुली बैठकें आयोजित की जानी चाहिए। इन बैठकों में ग्राम सभा के सभी बालिग व्यक्तियों को भाग लेने का अधिकार होता है। इन बैठकों में आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित होने वाले पुष्टाहार पोलियो खुराक आदि की चर्चा की जाये। पेंशन सत्यापन, एसजीएसवाई हैड पंप, सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत वितरित यूनीफार्म , पाठ्य पुस्तकें , विकलांग उपकरण स्कूल भवन निर्माण अतिरिक्त कक्ष निर्माण आदि का सत्यापन किया जाना चाहिये।
पात्रों का चयन और अपात्रों के नाम काटने का अधिकार
खुली बैठक में बीपीएल सूची में शामिल अपात्र लोगों के नाम काटने, कृषि भूमि आंवटन आवास स्थल आवंटन, कुम्हारीकला आदि के लिए पात्र व्यक्तियों का चयन होना चाहिए। लेकिन क्षेत्र में शायद ही ये सब किसी ग्राम पंचायत में होता हो ग्राम पंचायतों के सदस्यों को इन सब बातों से मतलब कम होता है। ग्राम प्रधान ही सब कुछ अपने दिमाग से निपटाते हैं। पंचायत के सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजाराम वर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत सदस्य अपने गांव के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। बशर्ते बैठकों में भाग लेकर जिम्मेदार लोगों से सवाल करें।