फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Giving a new shape to the city sanitation hobby

शहर में स्वच्छता को नया आकार दे रहा शौक

Wed, 25 Jan 2017 01:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 25 Jan 2017 01:45 AM IST
विज्ञापन
Giving a new shape to the city sanitation hobby
वॉल पेंटिंग (फाइल फोटो)
स्वच्छता के मॉडल के रूप में काशी को चमकाने के साथ हरियाली पैदा करने के लिए नई पीढ़ी के योगदान अनुकरणीय बन रहे हैँ। अपनी कूंची, अपना रंग और शहर की दरो-दीवार को संदेशपरक चित्रकृतियों से सजाने-संवारने का इनका जुनून अब अभियान का रूप ले चुका है। स्माल पॉकेट वाले इन युवक-युवतियों का यह अभियान इसलिए भी याद करने लायक है कि वे अपनी कला परिकल्पना की बदौलत जो कमाते हैं, उसे इसी मुहिम को कामयाब करने में खर्च कर रहे हैं। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने वाले गणतंत्र के पहरुओं को सलाम...।
विज्ञापन


 


तकरीबन दो हजार युवा, विद्यार्थी और झुग्गी-झोपड़ी से जुड़े बच्चों ने एक साथ मिलकर बदलाव की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। चित्रकार डॉ. शारदा सिंह ने काशी की बदरंग हो चुकी दीवारों को चमकाने का बीड़ा उठाया है। डॉ. सिंह से प्रशिक्षण लेेेेने वाले युवाओं की टीम ने नए साल में नगर निगम के साथ स्वच्छता जागरूकता के लिए वाल पेंटिंग का कार्यक्रम शुरू किया है। अब तक 50 से अधिक सार्वजनिक स्थलों पर प्रेरणा देने वाली चित्रकारी कर चुके हैं। अभियान को परवान चढ़ाने के लिए टीम जल्दी ही गली-गली टोली लेकर जाएगी।

विज्ञापन

 

 

बीएचयू से पढ़ाई के बाद डॉ. सिंह शिक्षा के क्षेत्र में गईं लेकिन वर्ष 2010 में चित्रकारी के क्षेत्र में उतर आई। पेंटिंग, डांस और म्यूजिक का प्रशिक्षण देकर 2000 युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया है। इन युवाओं को रोजगार मिलने लगा है। उनकी पेंटिंग्स ऊंचे दाम पर बिकती है। डॉ. सिंह का कहना है कि शुरूआती दौर में कहीं से आर्थिक सहयोग नहीं मिला मगर अब खुद की पेंटिंग्स से संस्था अभ्युदय को संचालित किया जा रहा है। संस्था के जरिए सुबोध राय, विक्रमजीत सिंह, आशा प्रकाश, डॉ. गरिमा रानी, मानती शर्मा, अर्चना, पूनम सिंह और राज सिंह बच्चों को प्रशिक्षण देते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

 

पर्यावरण को संरक्षित करने और इससे युवाओं को जोड़कर रोजगार के रूप में आगे बढ़ाने की शिखा की मुहिम रंग लाने लगी है। शिखा ने इसके लिए स्क्रैपशाला संस्था बनाई है। संस्था से 13 छात्र-छात्राएं और जुड़ चुकी हैं। संस्था के माध्यम से नगर निगम के साथ मिलकर कूड़े-कचरे में मिले सामान का उपयोग कर फर्नीचर, स्कूल टेबल और बैग बनाए जा रहे हैं। सभी सामान केमिकल फ्री और वाशेबल हैं। नगर निगम के साथ मिलकर स्वच्छता के साथ पर्यावरण में सहयोग कर रहे हैं। शिखा कहती हैं कि दिल्ली में पर्यावरण की पढ़ाई के समय ही सोचा था कि अपने शहर में ही कुछ नया किया जाए। अनुपयोगी वस्तुओं से उसे उपयोगी कैसे बनाया जा सकता है। बाद में लखनऊ से एम फार्मा की पढ़ाई करने वाली कृति के साथ मिलकर इस काम को शुरू किया। शुरूआती दौर में अपने जेब खर्च से इस काम को आगे बढ़ाया। अब जैसे-जैसे लोग जुड़ रहे हैं सहयोग मिल रहा है। अब तक चार आईआईटियंस और मधु साह, मुनारे प्रजापति, गोविंद, मोनू प्रजापति, अभिनव को मिलाकर 13 लोग जुड़ चुके हैं।

 

सफाई के प्रति कुछ करने के लिए प्रेरित किया तो बीएचूय के शोध छात्र पिंटू कुमार पेड़ों के संरक्षण और सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ाने के काम में जुट गए। कारवां बढ़ता गया और इस समय बीएचयू के 40 छात्र-छात्राएं इस मुहिम का हिस्सा हैं। सभी खुद के पाकेट खर्च से मुहिम को आगे बढ़ाते हैं। बकौल पिंटू कुमार वह बिहार के बोधगया के रहने वाले हैं। वर्ष 2003 में गांव में पेड़ काटे जा रहे थे, गंदगी फैल रही थी। यह देखकर कुछ करने की इच्छा हुई लेकिन इसे शुरू करने में सात साल लग गए। बीएचयू में रिसर्च में दाखिला और स्कालरशिप मिलने पर इसी धनराशि से अभियान की शुरूआत के लिए सृष्टि संरक्षणम नामक संस्था बनाई। छात्र-छात्राएं अपने जेब खर्च से पेड़ लगा रहे हैं। इनके जरिए वाराणसी में 1200 पेड़ लगाए गए हैं। स्कूलों में बच्चों को सफाई और पर्यावरण के प्रति जागरूकता प्रशिक्षण भी इन्हीं छात्र-छत्राओं द्वारा दिया जाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed