फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Girl child died due to falling of four quintal iron gate in varanasi

दर्दनाक: 4 साल की मासूम पर गिरा चार क्विंटल का गेट, दबकर मौत; भाईयों को खेलता देख हाथ में किताब लेकर दौड़ी थी

Wed, 06 Mar 2024 01:09 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 06 Mar 2024 01:09 PM IST
सार

वाराणसी जिले में दिल दहलाने वाली घटना हुई है। सारनाथ थाना क्षेत्र के अटल नगर कॉलोनी में एक चार साल की बच्ची की लोहे का गेट गिरने से दबकर मौत हो गई। घर की लाडली की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। 

विज्ञापन
Girl child died due to falling of four quintal iron gate in varanasi
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

वाराणसी जिले के सारनाथ थाना क्षेत्र के अटल नगर कॉलोनी में खेलते समय चार क्विंटल का लोहे का गेट गिरने से चार साल की बच्ची की दबकर मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने शव को गंगा में प्रवाहित कर दिया। पुलिस ने छानबीन कर परिजनों से जानकारी ली।

विज्ञापन


मिर्जापुर निवासी आशीष तिवारी गाजीपुर में हेड कांस्टेबल हैं। तीन दशक से आशीष सारनाथ थाना क्षेत्र के मवईया स्थित अटल नगर कॉलोनी में सपरिवार रहते हैं। आशीष के मकान के सामने राजेंद्र सिंह के मकान में दोपहर 12 बजे उनके तीन पोते खेल रहे थे। यह देख आशीष तिवारी का बेटा लक्ष्क्षु और बड़े भाई मनीष कुमार का पुत्र 6 वर्षीय लड्डू भी खेलने पहुंच गया। 
विज्ञापन


भाइयों को खेलता देख आशीष की चार साल की बेटी गुड्डन भी हाथ में किताब लेकर दौड़ते हुए राजेंद्र सिंह के गेट के पास पहुंची। इसी दौरान चार क्विंटल का स्लाइडर वाला लोहे का गेट तेज आवाज के साथ गुड्डन के ऊपर गिर गया। आसपास के लोगों ने किसी तरह उसे बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

बेटी की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। दो दिन की छुट्टी पर घर आए पिता आशीष तिवारी और मां प्रीति बेसुध हो गईं। थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह ने पीड़ित परिजनों से जानकारी ली।

सबकी दुलारी थी गुड्डन

घटना के बाद प्रीति अपनी चार साल की बिटिया के शव से लिपट कर रो रही थी। कह रही थी कि अब किसे स्कूल छोड़ने जाएंगे। गुड्डन के दादा कैलाश नाथ तिवारी रिटायर्ड उप निरीक्षक हैं, उन्हें भी संभालना मुश्किल हो रहा था। वह यही कह रहे थे कि घर में सबसे छोटी और सबकी दुलारी थी।

गेट बाउंड्री के अंदर गिरता तो पांच बच्चे भी होते जख्मी
लोगों ने कहा कि गनीमत रहा कि गेट बाहर की ओर गिरा। यदि चाहरदीवारी के अंदर गेट गिरता तो फिर पांच बच्चे भी उसमें दब जाते। गुड्डन जब घर से निकली तो उसके हाथ में किताबें थीं। गेट के साथ बच्ची दबी और पूरा किताब खून से लथपथ हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed