गाजीपुर का लाल भी आतंकी हमले में हुआ शहीद, हार्ट अटैक आने से अस्पताल में भर्ती पिता, मचा कोहराम

geetarjun gautam न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Thu, 13 Jun 2019 06:40 PM IST
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शहीद महेश कुशवाहा (फाइल फोटो)।
शहीद महेश कुशवाहा (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला

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जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में बुधवार को हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए। इन शहीद जवानों में गाजीपुर जिले के महेश कुमार कुशवाहा भी शामिल हैं। आतंकियों ने सीआरपीएफ की पेट्रोलिंग पार्टी पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं थीं, उसके बाद ग्रेनेड से हमला किया।
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गाजीपुर के सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के जैतपुरा के रहने वाले महेश कुशवाहा 2010 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। शहीद के पिता गोरखनाथ कुशवाहा को बुधवार सुबह हार्ट अटैक आया था, जो अस्पताल में भर्ती हैं। शहीद महेश की 4 जून 2009 में निर्मला से शादी हुई थी, इनसे दोनों के दो बच्चे एक बेटा आदित्य(6) और बेटी प्रिया(5) है। बेटा कक्षा एक में पढ़ाई करता है तो बेटी एलकेजी में पढ़ाई कर रही है। शहीद महेश कुशवाहा की पहली पोस्टिंग 2010 में छत्तीसगढ़ में हुई थी। इसके बाद उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में सीआरपीएफ की 116वीं बटालियन में हुई थी। 


बुधवार को ये घटना व्यस्ततम खन्नाबल-पहलगाम रोड पर अनंतनाग बस स्टेशन से एक किलोमीटर दूर महिला कॉलेज के पास हुई। दो आतंकियों ने वहां पिकेट ड्यूटी के लिए जा रही सीआरपीएफ की 116 बटालियन के जवानों और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग की। गोलियों की आवाज सुनकर एसएचओ और डिवीजनल अफसर रक्षक वाहन से पहुंचे तो आतंकियों ने उनकी गाड़ियों को भी निशाना बनाकर ग्रेनेड दागे।

एसएचओ की गाड़ी से टकराकर ग्रेनेड फट गया, जिसमें एसएचओ अरशद खान घायल हो गए। डिवीजनल अफसर की गाड़ी को निशाना बनाकर दागा गया, लेकिन ग्रेनेड नहीं फटा। बताते हैं कि आतंकी मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे थे। घटना के बाद एक आतंकी मौके से भाग निकला। हमले में घायल जवानों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां पांच ने दम तोड़ दिया।

जैश-ए-मोहम्मद का हाथ होने की आशंका :
अधिकारियों ने सीआरपीएफ टीम पर हमला करने वाले आतंकियों के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ होने की संभावना जताई है। हालांकि हमले की जिम्मेदारी अल-उमर मुजाहिदीन नाम के प्रतिबंधित संगठन ने ली है, लेकिन अधिकारियों के मुताबिक, यह संगठन जैश का ही सहयोगी है। बता दें कि हालिया सालों में जैश आतंकियों ने ही कश्मीर घाटी में आत्मघाती हमलों को अंजाम दिया है। एक अधिकारी का कहना है कि इस हमले को अंजाम देने की शैली जैश के तौर-तरीके से मिलती है।

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