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जियो टैगिंग, फेस रीडिंग और बायोमेट्रिक से लगेगी चिकित्सकों की हाजिरी
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शहरी क्षेत्र के सामुदायिक एवं जिलास्तरीय चिकित्सालयों में चिकित्सकों की हाजिरी अब जियो टैगिंग, फेस रीडिंग और बायोमेट्रिक के माध्यम से लगाई जाएगी। शहर से लेकर ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाएं बढ़ाईं जाएंगी। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने शुक्रवार को कैंप कार्यालय में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में यह निर्देश दिए।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दी जा रही सेवाओं की समीक्षा की। पाया कि चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुआरीकला, मिसिरपुर, नरपतपुर और बिरांवकोट के अधीक्षक बैठक में उपस्थित नहीं रहे। नाराजगी व्यक्त कर चारों अधीक्षकों का एक दिन का वेतन अवरुद्ध कर कार्यशैली में सुधार के निर्देश जारी किए। इसके अलावा लापरवाही बरतने पर स्वास्थ्य विभाग के लेखा प्रभारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि शहरी क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोनिया पर संविदा चिकित्सक के रूप में कार्यरत डॉ. राहुल झुनझुनवाला के कार्यों में कोई सुधार नहीं है। जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा पूर्व में इन्हें सुधार हेतु निर्देशित किया गया था, इस पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई कर सेवा समाप्ति का आदेश दिया।
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कर्मचारी और उपकरणों की कराएं व्यवस्था
जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने कहा कि जिन चिकित्सालयों में उपकरण नहीं है या खराब हैं या संचालित करने वाले कर्मी नहीं है तो उसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। स्वीकृत पदों के सापेक्ष स्वास्थ्य विभाग में जनपद स्तर से भर्तियां की हैं उसे विज्ञापित कराया जाए। जनपद का कोई भी चिकित्सालय चाहे वह सरकारी हो या निजी क्षेत्र, बगैर पंजीकरण नहीं चलेगा। जिलाधिकारी ने एएनएम के प्रशिक्षण पर जोर दिया और कहा कि जिले के 34 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर जहां एएनएम तैनात नहीं वहां तैनाती की जाए।
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बैठक में ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दी जा रही सेवाओं की समीक्षा की। पाया कि चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुआरीकला, मिसिरपुर, नरपतपुर और बिरांवकोट के अधीक्षक बैठक में उपस्थित नहीं रहे। नाराजगी व्यक्त कर चारों अधीक्षकों का एक दिन का वेतन अवरुद्ध कर कार्यशैली में सुधार के निर्देश जारी किए। इसके अलावा लापरवाही बरतने पर स्वास्थ्य विभाग के लेखा प्रभारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि शहरी क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोनिया पर संविदा चिकित्सक के रूप में कार्यरत डॉ. राहुल झुनझुनवाला के कार्यों में कोई सुधार नहीं है। जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा पूर्व में इन्हें सुधार हेतु निर्देशित किया गया था, इस पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई कर सेवा समाप्ति का आदेश दिया।
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कर्मचारी और उपकरणों की कराएं व्यवस्था
जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने कहा कि जिन चिकित्सालयों में उपकरण नहीं है या खराब हैं या संचालित करने वाले कर्मी नहीं है तो उसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। स्वीकृत पदों के सापेक्ष स्वास्थ्य विभाग में जनपद स्तर से भर्तियां की हैं उसे विज्ञापित कराया जाए। जनपद का कोई भी चिकित्सालय चाहे वह सरकारी हो या निजी क्षेत्र, बगैर पंजीकरण नहीं चलेगा। जिलाधिकारी ने एएनएम के प्रशिक्षण पर जोर दिया और कहा कि जिले के 34 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर जहां एएनएम तैनात नहीं वहां तैनाती की जाए।