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जेल से गायत्री प्रजापति ने ही मांगी थी रंगदारी, लखनऊ से पूर्व मंत्री का करीबी गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 08 Jul 2018 06:11 PM IST
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गायत्री प्रसाद प्रजापति का करीबी मान सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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बनारस के जंगमबाड़ी निवासी व्यापारी अरविंद तिवारी को नौ जून को लखनऊ जेल से पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने ही कॉल कर रंगदारी मांगी थी। दशाश्वमेध पुलिस ने लखनऊ के गोसाईगंज क्षेत्र के वीरखुंभा निवासी गायत्री के करीबी मान सिंह को गिरफ्तार कर शनिवार को इसका खुलासा किया।
जिस मोबाइल और सिम से अरविंद को कॉल की गई थी, उसे नष्ट करने का आरोप मान सिंह पर है। पुलिस ने सिम के टुकड़ों की बरामदगी का दावा किया है।
सोनभद्र जिले में वर्ष 2014 में बालू खनन का टेंडर अरविंद तिवारी की फर्म को मिला था। अरविंद के अनुसार नौ जून को उन्हें कॉल कर गायत्री प्रसाद प्रजापति ने कहा कि 2014 वाले खनन के टेंडर का कमीशन लखनऊ जेल आकर दे जाओ।
कमीशन न देने पर परिणाम भुगतने को तैयार रहना। मामले को लेकर अरविंद की तहरीर पर 30 जून को दशाश्वमेध थाने में गायत्री प्रसाद के खिलाफ रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज किया गया।
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एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि सर्विलांस की मदद से की गई तफ्तीश में सामने आया कि कॉल लखनऊ जेल से आई थी। उस नंबर से जिन अन्य लोगों से बातचीत हुई थी, उनसे पूछताछ की गई तो पता लगा कि उसे गायत्री प्रसाद प्रजापति उपयोग करते हैं।
इसी बीच सर्विलांस की मदद से मान सिंह को चिह्नित किया गया। उसकी उस नंबर पर अक्सर बातचीत होती थी। वो पूर्व मंत्री के कार्यकाल के दौरान उनका हिसाब-किताब रखता था। कोचिंग चलाने के साथ ही अब भी वह पूर्व मंत्री के संपर्क में था।
मान सिंह से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि तीन जुलाई को वो लखनऊ जेल गया था और गायत्री से मिला था। जेल के बंदीरक्षकों की मदद से वो धमकी में प्रयुक्त मोबाइल-सिम बाहर लाया और नष्ट कर दिया। मोबाइल तो फेंक दिया था लेकिन टूटा हुआ सिम घर पर ही पड़ा रह गया था।
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जिस मोबाइल और सिम से अरविंद को कॉल की गई थी, उसे नष्ट करने का आरोप मान सिंह पर है। पुलिस ने सिम के टुकड़ों की बरामदगी का दावा किया है।
सोनभद्र जिले में वर्ष 2014 में बालू खनन का टेंडर अरविंद तिवारी की फर्म को मिला था। अरविंद के अनुसार नौ जून को उन्हें कॉल कर गायत्री प्रसाद प्रजापति ने कहा कि 2014 वाले खनन के टेंडर का कमीशन लखनऊ जेल आकर दे जाओ।
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कमीशन न देने पर परिणाम भुगतने को तैयार रहना। मामले को लेकर अरविंद की तहरीर पर 30 जून को दशाश्वमेध थाने में गायत्री प्रसाद के खिलाफ रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज किया गया।
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एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि सर्विलांस की मदद से की गई तफ्तीश में सामने आया कि कॉल लखनऊ जेल से आई थी। उस नंबर से जिन अन्य लोगों से बातचीत हुई थी, उनसे पूछताछ की गई तो पता लगा कि उसे गायत्री प्रसाद प्रजापति उपयोग करते हैं।
इसी बीच सर्विलांस की मदद से मान सिंह को चिह्नित किया गया। उसकी उस नंबर पर अक्सर बातचीत होती थी। वो पूर्व मंत्री के कार्यकाल के दौरान उनका हिसाब-किताब रखता था। कोचिंग चलाने के साथ ही अब भी वह पूर्व मंत्री के संपर्क में था।
मान सिंह से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि तीन जुलाई को वो लखनऊ जेल गया था और गायत्री से मिला था। जेल के बंदीरक्षकों की मदद से वो धमकी में प्रयुक्त मोबाइल-सिम बाहर लाया और नष्ट कर दिया। मोबाइल तो फेंक दिया था लेकिन टूटा हुआ सिम घर पर ही पड़ा रह गया था।
बंदीरक्षकों की संलिप्तता की भेजी जाएगी रिपोर्ट
UP POLICE
- फोटो : SELF
मान सिंह के पास से एक डायरी भी बरामद हुई है जिसमें कई लोगों को नाम और नंबर दर्ज हैं। इन लोगों में कुछ वो लोग भी हैं जिनकी बातचीत धमकी में प्रयुक्त नंबर से हुई है। मान सिंह को जेल भेज दिया गया है।
उधर, व्यापारी अरविंद को लखनऊ जेल से काल कर रंगदारी मांगने के मामले में कुछेक बंदीरक्षकों की संलिप्तता सामने आई है। जिला पुलिस उन बंदीरक्षकों के बारे में रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए लखनऊ जेल प्रशासन को भेजेगी।
वहीं दशाश्वमेध पुलिस मामले के खुलासे के साथ ही गायत्री का वारंट भी जिले की अदालत से जारी कराने की तैयारी में जुट गई है। वारंट बी जारी करा कर उसे लखनऊ जेल में तलब कराया जाएगा।
उधर, व्यापारी अरविंद को लखनऊ जेल से काल कर रंगदारी मांगने के मामले में कुछेक बंदीरक्षकों की संलिप्तता सामने आई है। जिला पुलिस उन बंदीरक्षकों के बारे में रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए लखनऊ जेल प्रशासन को भेजेगी।
वहीं दशाश्वमेध पुलिस मामले के खुलासे के साथ ही गायत्री का वारंट भी जिले की अदालत से जारी कराने की तैयारी में जुट गई है। वारंट बी जारी करा कर उसे लखनऊ जेल में तलब कराया जाएगा।
खुद को पूर्व मंत्री का ‘खास चपरासी’ बताता था मान सिंह
गायत्री प्रसाद प्रजापति
- फोटो : demo pic
वाराणसी के जंगमबाड़ी निवासी व्यापारी अरविंद तिवारी से रंगदारी मांगने के मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर शिकंजा और कस सकता है। लखनऊ से एक आरोपी मान सिंह की गिरफ्तारी के बाद मामले में दो और साजिशकर्ता चिह्नित किए गए हैं।
इनकी गिरफ्तारी के लिए जिले की पुलिस टीम लखनऊ रवाना हो चुकी है। मान सिंह खुद को पूर्व मंत्री का खास चपरासी बताता था। उसके पास से बरामद डायरी की भी पड़ताल की जा रही है। उसमें दर्ज नाम-पतों के जरिए पुलिस का मानना है कि कई अहम जानकारियां उसके हाथ लग सकती हैं।
पुलिस के मुताबिक मान सिंह पूर्व मंत्री के कार्यकाल के दौरान उनके घर पर काम करता था और खुद को उनका ‘खास चपरासी’ बताता था। पिछले कुछ समय से कोचिंग चलाने के साथ ही अब भी वह पूर्व मंत्री के संपर्क में था।
मान सिंह से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि तीन जुलाई को वो लखनऊ जेल गया था और गायत्री से मिला था। जेल के बंदीरक्षकों की मदद से वो धमकी में प्रयुक्त मोबाइल-सिम बाहर लाया और नष्ट कर दिया।
मोबाइल तो फेंक दिया था लेकिन टूटा हुआ सिम घर पर ही पड़ा रह गया था। भीम के पास से एक डायरी भी बरामद हुई है, जिसमें कई लोगों को नाम और नंबर दर्ज हैं। इन लोगों में कुछ वो लोग भी हैं जिनकी बातचीत धमकी में प्रयुक्त नंबर से हुई है। इनकी भी तस्दीक की जा रही है।
इनकी गिरफ्तारी के लिए जिले की पुलिस टीम लखनऊ रवाना हो चुकी है। मान सिंह खुद को पूर्व मंत्री का खास चपरासी बताता था। उसके पास से बरामद डायरी की भी पड़ताल की जा रही है। उसमें दर्ज नाम-पतों के जरिए पुलिस का मानना है कि कई अहम जानकारियां उसके हाथ लग सकती हैं।
पुलिस के मुताबिक मान सिंह पूर्व मंत्री के कार्यकाल के दौरान उनके घर पर काम करता था और खुद को उनका ‘खास चपरासी’ बताता था। पिछले कुछ समय से कोचिंग चलाने के साथ ही अब भी वह पूर्व मंत्री के संपर्क में था।
मान सिंह से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि तीन जुलाई को वो लखनऊ जेल गया था और गायत्री से मिला था। जेल के बंदीरक्षकों की मदद से वो धमकी में प्रयुक्त मोबाइल-सिम बाहर लाया और नष्ट कर दिया।
मोबाइल तो फेंक दिया था लेकिन टूटा हुआ सिम घर पर ही पड़ा रह गया था। भीम के पास से एक डायरी भी बरामद हुई है, जिसमें कई लोगों को नाम और नंबर दर्ज हैं। इन लोगों में कुछ वो लोग भी हैं जिनकी बातचीत धमकी में प्रयुक्त नंबर से हुई है। इनकी भी तस्दीक की जा रही है।