Varanasi News: काशी में गऊ माता मंदिर का उद्घाटन , इंद्रेश कुमार बोले- गोबर और गोमूत्र भी औषधि
वाराणसी के लमही गांव में गऊ माता मंदिर का उद्घाटन आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने किया।
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वाराणसी के लमही गांव में शनिवार को गऊ माता मंदिर का उद्घाटन आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने किया। कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जंयती की पूर्व संध्या पर उनके गांव में श्रीरामपंथ द्वारा स्थापित श्रीराम आश्रम में गऊ माता का मंदिर का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर इंद्रेश कुमार ने गऊ माता की आरती की।
उन्होंने कहा कि गऊ का दर्शन और स्पर्श भी कई बीमारियों का उपचार है। गऊ माता मंदिर में सुबह-शाम पूजा और आरती होगी। गऊ दर्शन और स्पर्श का लाभ ले सकते हैं। गऊ माता की सेवा कर बीमारियों से मुक्त हो सकते है। जटिल बीमारियों में भी गऊ मूत्र लाभ पहुंचाता है। यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारी में भी इसका फायदा हुआ है।
आज दुनिया भर के वैज्ञानिक भारतीय देसी गायों पर रिसर्च कर रहे हैं। गऊ माता मंदिर से काशीवासियों समेत बाहर से आने वाले पर्यटकों को दर्शन का लाभ मिलेगा। रामपंथ के पंथाचार्य डॉ. राजीव ने कहा कि जो गऊ नहीं पाल सकते, उन्हें इस मंदिर में गऊ माता का दर्शन और स्पर्श करने का मौका मिलेगा।
मन की शांति, शारीरिक बीमारियों से मुक्ति और रक्तचाप के लिए गऊ माता का मंदिर किसी भी दर्शनार्थी को पुण्य और लाभ पहुंचाने वाला होगा। गऊ माता का मंदिर सुबह सात बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा। मंदिर की प्रभारी नाजनीन अंसारी ने बताया कि यहां गीर और साहीवाल नस्ल की गऊ माता हैं। जिस किसी को भी गोमूत्र की जरूरत होगी उन्हें गऊ माता मंदिर उपलब्ध कराएगा। गऊ माता मंदिर के लिए गऊ सेवक नियुक्त किए गए जिसमें मुस्लिम समाज के लोग भी शामिल हैं।