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Varanasi News: पांच सेंटीमीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर
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वाराणसी। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने घाटों पर गतिविधियों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर करीब पांच सेंटीमीटर बढ़ने के बाद दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती की निचली सीढ़ी तक पानी पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 60.55 मीटर दर्ज किया गया, जबकि बृहस्पतिवार को यह 60.50 मीटर था। यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो अगले तीन-चार दिनों में गंगा आरती के मूल मंच तक भी पानी पहुंच सकता है। ऐसे में आरती की व्यवस्था ऊपरी हिस्से में स्थानांतरित करनी पड़ सकती है।
पिछले कुछ दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इसका मुख्य कारण गंगा के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़ा जा रहा अतिरिक्त पानी है। जलस्तर बढ़ने का असर सबसे पहले घाटों की निचली सीढ़ियों पर दिखाई देता है, जहां स्नान, नौका संचालन और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। दशाश्वमेध घाट पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक गंगा आरती देखने पहुंचते हैं। निचली सीढ़ियों तक पानी पहुंचने से श्रद्धालुओं के बैठने और आवाजाही की जगह कम हो गई है। जलस्तर बढ़ने का असर नौका संचालन पर भी पड़ने लगा है। नाविकों को नाव बांधने के स्थान बार-बार बदलने पड़ रहे हैं और तेज धारा के कारण अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों ने घाटों पर गश्त बढ़ा दी है। सभी संवेदनशील घाटों पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
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पिछले कुछ दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इसका मुख्य कारण गंगा के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़ा जा रहा अतिरिक्त पानी है। जलस्तर बढ़ने का असर सबसे पहले घाटों की निचली सीढ़ियों पर दिखाई देता है, जहां स्नान, नौका संचालन और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। दशाश्वमेध घाट पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक गंगा आरती देखने पहुंचते हैं। निचली सीढ़ियों तक पानी पहुंचने से श्रद्धालुओं के बैठने और आवाजाही की जगह कम हो गई है। जलस्तर बढ़ने का असर नौका संचालन पर भी पड़ने लगा है। नाविकों को नाव बांधने के स्थान बार-बार बदलने पड़ रहे हैं और तेज धारा के कारण अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों ने घाटों पर गश्त बढ़ा दी है। सभी संवेदनशील घाटों पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
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