Ganga Yatra: गंगा को निर्मल और अविरल बनाने का लिया संकल्प, गंदे पानी की एक बूंद भी नहीं जाएगी
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उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं जनपद के प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि गंगा नदी हमारी संस्कृति एवं सभ्यता है। गंगा को स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल बनाए रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्पना के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से 27 जनवरी से निकाली गई गंगा यात्रा में जनता का अभूतपूर्व समर्थन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि गंगा यात्रा निकाले जाने का उद्देश्य है कि गंगा को स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल बनाए रखने की मुहिम में व्यापक पैमाने पर जन सहभागिता सुनिश्चित कराया जाए और इस पुनीत कार्य में सामान्य का सहयोग मिल सके।
उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि गंगा में गंदे पानी की एक भी बूंद जाने नहीं दी जाएगी। नगर विकास मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इस मुहिम को प्रदेश सरकार बखूबी अंजाम तक पहुंचा रही है। 52 एसटीपी बनाए जा रहे हैं। लगभग सभी एसटीपी पूरे हो चुके हैं। गंगा नदी में आने वाले पानी का शोधन हो रहा है। गंगा में गिरने वाले सभी सीवर लाइन बंद किए गए हैं।
प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन बुधवार को रामनगर स्थित प्रभु नारायण सिंह राजकीय इंटर कॉलेज मैदान पर 28 जनवरी को काशी आए गंगा यात्रा को चुनार (मिर्जापुर) रवाना करने से पहले आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गंगा के किनारे के गांवों को पर्यटन की दृष्टि से गंगा गांव के रूप में विकसित करने का कार्य भी किया जा रहा है। इन गंगा गांव में पार्क, पाथवे, ओपन जिम के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाएं भी होंगी।
उत्तर प्रदेश के मंत्री मोती सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं काशी के सांसद नरेंद्र मोदी जब पहली बार वाराणसी अपना नामांकन पत्र भरने आए थे। इस दौरान उन्होंने एक वक्तव्य दिया था कि यहां उन्हें किसी ने नहीं भेजा है उन्हें मां गंगा ने बुलाया है और अपने उस कथन को चरितार्थ करते हुए प्रधानमंत्री ने नमामि गंगे योजना अंतर्गत 28 हजार करोड़ की भारी भरकम धनराशि स्वीकृत कर गंगा को स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल बनाए रखने की मुहिम के लिए जो पुनीत कार्य किया है, इसके लिए हर व्यक्ति को उन्हें धन्यवाद देना चाहिए।
क्योंकि गंगा कोई साधारण नदी नहीं है। अपितु गंगा हमारी धर्म और संस्कृति से जुड़ी हुई है। यह जीवनदायिनी है। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि गंगा नदी को स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ऐतिहासिक कार्य किया गया है। गत वर्ष प्रयागराज में लगे कुंभ का पूरे विश्व ने सराहना की है।
गंगा यात्रा में मिल रहे जन उत्साह पर उन्होंने प्रसन्नता जताई और विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि लोग अब गंगा को स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल बनाए रखने के लिए प्राणपण से सहयोग करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि गंगा स्वच्छता को जनता का आंदोलन बनाएंगे। उन्होंने गंगा महात्म का वर्णन करते हुए कहा कि गंगा किनारे की जमीन काफी उपजाऊं होती है, इसीलिए गंगा किनारे के गांव में जीरो बैलेंस खेती पर जोर दिया जा रहा है।
गंगा किनारे के गांवो को अर्थ गंगा से जोड़े जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गंगा के किनारे कि गांवो को गंगा गांव के रूप में विकसित कर इसमें गंगा पार्क, पाथवे, ओपन जिम आदि बनाकर इन्हें पर्यटन की दृष्टि बढ़ाया जाएगा। इससे गंगा के गांव में रहने वालों की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी और स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि गंगा हमारी अर्थव्यवस्था को बिना रुकावट आगे बढ़ाएंगे।
काशी से गंगा यात्रा चुनार के लिये हुई रवाना
प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अनिल राजभर ने हरी झंडी दिखाकर गंगा यात्रा को चुनार (मिर्जापुर) के लिये रवाना किया। काशी से गंगा यात्रा का नेतृत्व उत्तर प्रदेश के कैविनेट मंत्री मोती सिंह, पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉक्टर नीलकंठ तिवारी, स्टांप एवं पंजीयन शुल्क राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल लेकर कर रहे थे।