राहत की खबर : पूर्वांचल में गंगा में पानी कम होना शुरू हो गया, वाराणसी में स्थिर हुईं गंगा
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पूर्वांचल में गंगा का रुख स्थिर होने की ओर बढ़ने लगा है। गंगा के जलस्तर बढ़ने से आसपास के जिलों में बाकी नदियों में भी बढ़ाव जारी है, लेकिन अब गंगा में पानी कम होने से यहां भी जलस्तर कम होना शुरू हो जाएगा। वाराणसी के जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रयागराज, नैनी, मिर्जापुर, भदोही में पानी कम होना शुरू हो गया है, वाराणसी में स्थिर हो गया है, कुछ ही घंटों में कम होना शुरू हो जाएगा।
वाराणसी सहित कई जिलों में गंगा स्थिर हुई हैं। काशी में रविवार सुबह गंगा का जलस्तर 71.93 मीटर पर पहुंच गया था। यहां जलस्तर पिछले 3 घंटे से स्थिर बना हुआ है, लेकिन अब यहां भी कुछ घंटों में पानी में कमी आने लगेगी।
गाजीपुर :
लगातार सात दिनों से बढ़ रही गंगा ने जिले भर के करीब एक हजार गांवों को प्रभावित किया है। रविवार को इसकी गति काफी धीमी हो गई। देर शाम तक गंगा के ठहर जाने की संभावना जताई जा रही है। गांवों में पानी घुसा हुआ है, हजारों एकड़ फसलें जलमग्न है। लोग घरों को छोड़कर राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं। बाढ़ राहत शिविरों में समुचित व्यवस्था नहीं है जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गोमती से भी कई गांव घिरे हुए है। इधर जिला प्रशासन भी एलर्ट मोड में है। जिले के कई आला अधिकारियों ने भ्रमण कर बाढ़ का जायजा लिया तथा मातहतों को राहत कार्य के आवश्यक निर्देश दिए।
जिले भर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुल 17 बाढ़ केंद्र, 28 बाढ़ शरणालय और 92 बाढ़ चौकियां खोली गई हैं। इसके अलावा सभी 16 विकासखंडों तथा इसके साथ ही नगर पालिका गाजीपुर में बाढ़ केंद्र स्थापित किया गया है। इसी प्रकार 92 बाढ़ चौकियां जिसके तहत गाजीपुर सदर में विभिन्न स्थानों पर 20 चौकियां बनाई गई है। बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए कुल 551 नावें लघाई गई है। इसके अलावा अन्य आठ नदियां भी उफान मार रही हैं। जिले में बाढ़ को देखते हुए सभी सातों तहसीलों पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर वहां नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। इन पर मौजूद नंबरों से हर प्रकार की स्थिति की जानकारी ली जा सकती है
जौनपुर जिले के केराकत तहसील क्षेत्र के गोमती नदी के तटीय इलाकों की बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। घाघरा में जलस्तर में बढ़ोतरी का क्रम जारी है। हालांकि गंगा का जलस्तर में स्थिरता आई है। चंदवक के बरामनपुर और आसपास के तटवर्ती गांव में नदी का पानी घुस गया है। करीब 25 एकड़ से अधिक फसल डूब गई। तटवर्ती इलाके के लोग गोमती के बढ़ते जल स्तर से भयभीत है। गोमती नदी गाजीपुर में कैथी के पास गंगा नदी में मिलती है। गंगा का जलस्तर बढ़ाव पर होने के चलते गोमती में पानी का दबाव तेजी से बढ़ता है।
गंगा के जलस्तर में ठहराव समस्या बरकरार
भदोही में गंगा के जल स्तर में 80.470 मीटर पर ठहराव आ गया था। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार आधी रात के बाद गंगा का जल स्तर स्थिर हो गया। लेकिन अब यहां भी गंगा में पानी कम होने लगा है। हालांकि समस्या अब भी कम नहीं हुई है।
चंदौली :
चंदौली जिले में गंगा का बढ़ाव थमा है लेकिन गांवों में पानी भरा है। रास्ते जाम हैं, वहीं घरों में भी पानी भरा है। सबसे अधिक दिक्कत पशुओं के चारे को लेकर हो रही है। जिले के बहादुरपुर, रतनपुर, मढिया, जलीलपुर, सूजाबाद, डोमरी, कूंडा आदि गांवों में घरों तक पानी पहुंच गया है। पड़ाव, धानापुर, चहनियां के करीब 6 गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिले में 42 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में 150 नावें तैनात प्रशासन ने की हैं। कलेक्ट्रेट से भी निगरानी हो रही है।
अब घाघरा मचाने लगी तबाही, 20 हजार की आबादी घिरी
गंगा के बाद अब घाघरा ने तबाही मचाई शुरु कर दी है। मुरली छपरा ब्लॉक के पांच से अधिक गांवों के 20 हजार की आबादी पूरी तरह बाढ़ के पानी घिर गई है। गांवों के लोगों का आवागमन भी ठप हो गया है। इन गांवों के लोगों की नजर अब सरकारी राहत पर टिकी है। घाघरा रविवार को सुबह खतरा बिंदु पार कर गई। नदी लाल निशान 58 मी. को पार कर 58.04 पर बहने लगी है। नदी अभी भी बढ़ाव पर है जिससे कई गावों के पानी से घिरने की आशंका है।
मिर्जापुर में बाढ़ की वजह से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आज सुबह भी पानी कई नए इलाकों में पहुंच गया। प्रशासनिक मदद नाकाफी साबित हो रही है। जिगना, गंगा नदी और कर्णावती नदी में पानी बढ़ने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मिर्जापुर-प्रयागराज मार्ग होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार सुबह गंगा का जलस्तर 77.980 मीटर था, और खतरे का निशान 77. 724 मीटर है। वहीं अब यहां भी पानी में कमी होने लगी है।