वाराणसी में गंगा का बढ़ रहा जलस्तर, नाविकों और तीर्थपुरोहितों पर दोहरी मार
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वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा अब धीरे-धीरे रत्नेश्वर महादेव के शिखर को छूने की ओर बढ़ रही हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार को गंगा का जलस्तर 64.82 मीटर था। बढ़ते जलस्तर के साथ ही नाविकों और तीर्थपुरोहितों की समस्या भी बढ़ती जा रही है।
रविवार को काशी में गंगा का जलस्तर डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 33 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। सिंधिया घाट पर स्थापित दतात्रेय मंदिर को गंगा ने अपनी जद में ले लिया है।
इधर दशाश्वमेध घाट स्थित शीतला माता मंदिर की दीवार पर कुछ और ऊंचाई तक हिलोर मारने लगी हैं। गंगा अब शीतला मंदिर की सीढिय़ों वाले प्लेटफार्म तक पहुंच गई हैं। शनिवार को सुबह गंगा का जलस्तर 64.49 मीटर था। जलस्तर में बढ़ोत्तरी का क्रम जारी रहा है और अगले 48 घंटों तक यही स्थिति बनी रहने की आशंका जताई जा रही है।
सभी प्रमुख घाटों पर पंडों की चौकियां सबसे ऊपरी प्लेटफार्म पर लगाई जा चुकी हैं। वहीं नाविकों ने छोटी नौकाओं को घाट किनारे की बस्तियों में रखना शुरू कर दिया है। बड़ी नौकाओं की निगरानी के लिए माझी समाज के सदस्य दिनरात घाट किनारे ही जमे हुए हैं।
इनके अलावा घाट पर जिनकी दुकानें अब तक जलमग्न हो गई हैं, उनकी रोजी-रोटी पर कोरोना काल में दोहरी मार पड़ी है। इसके चलते उनकी माली हालत और भी खराब हो गई है।