Ganga Water Level: वाराणसी में गंगा का घट रहा जलस्तर, गर्मी के कारण कई स्थानों पर उभर आए रेत के टीले
वाराणसी में गंगा का जलस्तर कम होने के कारण जलयान के संचालन पर संशय बना हुआ है। गर्मी के कारण जलस्तर कम होने से गंगा के बीच में कई जगहों पर रेत के टीले उभर आए हैं।
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वाराणसी में गंगा का जलस्तर कम होने के कारण जलयान के संचालन पर संशय बना हुआ है। गर्मी के कारण जलस्तर कम होने से गंगा के बीच में कई जगहों पर रेत के टीले उभर आए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बरसात होने के बाद ही गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होगी और जलयान का आवागमन हो सकेगा।
वहीं दूसरी तरफ बनारस से हल्दिया के बीच में गाजीपुर से जमानिया तक गंगा में पड़ने वाले पत्थर भी जलयान की रफ्तार को रोक रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही वाराणसी-गाजीपुर सीमा से सटे चंद्रावती के पास गंगा का जलस्तर घट गया है। गंगा में गाजीपुर से जमानिया के बीच करीब 14 किमी मार्ग में पड़ने वाले पत्थर को तोड़ने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण टेंडर करने के साथ ही ड्रेजिंग कराने की तैयारी में है।
जलीय जीवों पर भी संकट के बादल
गंगा में 45 मीटर चौड़ाई और 2.2 मीटर गहराई तक ड्रेजिंग करके चैनल का निर्माण किया जाना है जिससे कि जलयान का संचालन आसानी से हो सके। गर्मी बढ़ने के साथ ही गंगा का जलस्तर में कमी आने से कई स्थानों पर जगह-जगह बालू के टीले बन गए हैं। नदी वैज्ञानिक प्रो. यूके चौधरी ने बताया कि गंगा की चौड़ाई कम होती जा रही है। जल क्षेत्र कम होने से जलीय जीवों पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
तीन भागों में कराई जानी है ड्रेजिंग
बनारस से हल्दिया तक गंगा में जल परिवहन को शुरू करने के लिए 1390 किलोमीटर लंबे जलमार्ग को हल्दिया से फरक्का, फरक्का से बाढ़ और बाढ़ से रामनगर तक तीन भागों में बांटकर ड्रेजिंग कराई जानी है। वर्ष 2018 से 2019 तक पटना से लेकर कैथी तक कई बार ड्रेजिंग कराई गई लेकिन उसमें बार-बार बालू भर जा रहा है।