कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली के आयोजन को भव्य बनाने के लिए प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। सड़क से लेकर गंगा घाट तक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बावजूद इसके गंगा के तट पर जमा सिल्ट की सफाई काम धीमी गति से चल रहा है। कई घाटों पर कीचड़ और गंदगी को अभी तक नहीं हटाया जा सका है।
सामने घाट से लेकर राजघाट तक का यही हाल है। कई जगह मिट्टी और सिल्ट है। कुछ घाटों पर नाला सीधे गंगा में गिर रहा है। नगर निगम के कर्मचारी घाटों की सफाई में लगे हुए हैं लेकिन 10 नवंबर तक घाटों की सफाई होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। अस्सी से तुलसीघाट के बीच नगर निगम कर्मी गुरुवार को सफाई में लगे हुए थे।
कर्मचारियों के काम की सुस्त गति से लग रहा है कि इस बार भी नगर निगम का दावा हवा-हवाई ही साबित होगा। दोपहर में गंगामहल घाट पर पंप चलाकर तो छोड़ दिया गया था लेकिन कर्मचारी मौके से नदारद थे।
तुलसीघाट के पास दलदल और गड्ढा होने के कारण देव दीपावली पर आने वाले श्रद्धालुओं को गिरने और चुटहिल होने का डर बना हुआ है। निषादघाट, महानिर्वाणी और शिवाला घाट पर भी सिल्ट को अभी तक हटाया नहीं जा सका है। केदारघाट, सामनेघाट और महामृत्युंजय घाट पर आयोजकों की ओर से साफ-सफाई की तैयारी की जा रही है।
आदिकेशव घाट से जब दशाश्वमेध घाट की ओर बढ़े तो रास्ते में करीब आधा दर्जन ऐसे घाट हैं जहां पर गंदगी, कूड़ा और नाले का पानी बह रहा है। खिड़किया घाट, रानी घाट, सक्का घाट, नए घाट, तेलिया नाला घाट, बूंदी परकोटा घाट, हनुमान गढ़ी घाट पर तो बाढ़ का पानी उतरने के बाद जिला प्रशासन की ओर से साफ-सफाई ही नहीं कराई गई है।