फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Gandhi Jayanti 2021 Every visit of Mahatma Gandhi in varanasi was recorded in history temple of Akhand Bharat established by him

Gandhi Jayanti 2021: काशी में महात्मा गांधी की हर यात्रा दर्ज हुई इतिहास के पन्नों में, स्थापित किया अखंड भारत का मंदिर

Sat, 02 Oct 2021 09:30 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 02 Oct 2021 09:30 AM IST
सार

राष्ट्रपिता के रूप में बापू आज भी हर दिल में बसते हैं। बापू 13 बार काशी आए थे। जब भी वह काशी आए वह दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज है। आज दो अक्तूबर को बापू की जयंती पूरा देश मना रहा है। 

विज्ञापन
Gandhi Jayanti 2021 Every visit of Mahatma Gandhi in  varanasi was recorded in history temple of Akhand Bharat established by him
वाराणसी में अखंड भारत का मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्वविख्यात वैज्ञानिक आइंस्टीन ने महात्मा गांधी के जीवन दर्शन से प्रभावित होकर कहा था कि आने वाली पीढ़ियां शायद मुश्किल से ही विश्वास कर सकेंगी कि गांधी जैसा हाड़-मांस का पुतला कभी इस धरती पर हुआ होगा। राष्ट्रपिता के रूप में बापू आज भी हर दिल में बसते हैं। बापू 13 बार काशी आए थे। जब भी वह काशी आए वह दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज है। आज दो अक्तूबर को बापू की जयंती पूरा देश मना रहा है। 

विज्ञापन


काशी विद्यापीठ के पूर्व वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो. अजित कुमार शुक्ला ने बताया कि बापू की 11वीं काशी यात्रा तो ऐतिहासिक रही। अक्तूबर 1936 में राष्ट्रपिता ने इस यात्रा में अखंड भारत की संकल्पना का प्रतीक भारत माता मंदिर का उद्घाटन किया।
विज्ञापन


बापू ने कहा था - धरती माता तो सदैव हैं
25 अक्तूबर 1936 को भारत माता मंदिर के उद्घाटन समारोह में बापू ने कहा था जिस माता ने हमें जन्म दिया, वह कुछ ही वर्ष जीवित रहेंगी, किंतु धरती माता तो सदैव हैं। यदि वह नहीं हैं तो हम भी नहीं हैं। उसी माता का अंश भारत माता हैं, जिसका मानचित्र आज वेदमंत्रों से पुनीत हुआ। यहां हम दिल का द्वेष भूलकर एकत्र हों और भारत माता की सेवा करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मंदिर में भारतमाता से प्रेम करने वाले हर व्यक्ति का स्वागत होगा और यहां अपनी सामर्थ्य तथा विश्वास के अनुरूप आराधना कर सकेंगे। उद्घाटन समारोह में खान अब्दुल गफार खां, सरदार पटेल, शिवप्रसाद गुप्त, भगवान दास समेत राष्ट्रीय आंदोलन के कई दिग्गज मौजूद थे। देश के विभिन्न प्रांतों से 35 हजार लोग यहां आए थे।

काशी में ही रखी गई श्री गांधी आश्रम की नींव

Gandhi Jayanti 2021 Every visit of Mahatma Gandhi in  varanasi was recorded in history temple of Akhand Bharat established by him
महात्मा गांधी की मूर्ति - फोटो : Pixabay

आचार्य कृपलानी काशी हिंदू विश्वविद्यालय छोड़कर काशी विद्यापीठ में आचार्य बने। उसी यात्रा के बीच उन्होंने गांधी जी से पूछा कि आगे क्या करना है। गांधी जी ने कहा कि कहीं बैठ जाओ और चरखे का काम संगठित रूप से करो।
गांधी जी की प्रेरणा पर आचार्य कृपलानी ने काशी से खादी एवं चरखे के संस्थागत संगठित आंदोलन की शुरूआत करते हुए देश की पहली खादी संस्था श्री गांधी आश्रम की नींव रखी। विद्यापीठ में बापू के कमरे को धरोहर के रूप में विकसित करने की तैयारियां की जा रही हैं।

समाप्त हो गई बापू की अंतिम निशानी

वाराणसी के बेनियाबाग पार्क में गांधी चबूतरा काशी में बापू की अंतिम निशानी के तौर पर जाना जाता है। पार्क के सुंदरीकरण के कारण अब गांधी चबूतरे का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। समाजसेवी और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कई बार यह मांग की है कि गांधी चबूतरे को पुन: स्थापित किया जाए।

कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा ने बताया कि गांधी चबूतरे पर ही बापू का अस्थि कलश रखा गया था। यह स्थल हर काशी वासी के लिए पूजनीय है। आज गांधी चबूतरे का अस्तित्व समाप्त हो चुका है और यह बेहद दुखद है। हम अपने राष्ट्रपिता की अंतिम निशानी भी सहेज कर नहीं रख सके। शकील अहमद जादूगर ने बताया कि डर्बीशायर क्लब की ओर से पिछले 15 सालों से बापू के चबूतरे को भव्य बनाने की मांग की जा रही है।

बेनियाबाग में पार्किंग निर्माण के दौरान चबूतरे को हटा दिया गया है। सरकार से हमारी मांग है कि बापू के चबूतरे को उसी स्थान पर बनवाया जाए। प्रो श्रद्धानंद ने बताया कि अंतिम बार बापू बीएचयू के रजत जयंती समारोह में 21 जनवरी 1942 को काशी आए थे। महोत्सव में भाग लेने के बाद वह कांग्रेसजनों से बातचीत में जल्द दोबारा आने का आश्वासन देकर विदा हुए, लेकिन इसके बाद उनका अस्थि कलश ही काशी आया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed