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शहीद जवान को नम आंखों से अंतिम विदाई, हुआ सैनिक सम्मान से अंतिम संस्कार

Sat, 23 Sep 2017 08:09 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया Updated Sat, 23 Sep 2017 08:09 PM IST
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funeral of martyr soldier with guard of honour in ballia
तीसरे दिन सुबह करीब नौ बजे पैतृक गांव पहुंचा पार्थिक शरीर - फोटो : अमर उजाला
जम्मू में शहीद हुए बलिया के वीर सपूत रामप्रवेश यादव का सैनिक सम्मान के साथ शनिवार को अंतिम संस्‍कार किया गया। हजारों लोगों ने उनको नम आंखों से अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बेल्थरारोड क्षेत्र के टंगुनिया गांव के सरयू तट पर किया गया।
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अंतिम संस्‍कार के समय गई राज्‍यमंत्री उपेंद्र तिवारी सहित कई राजनेता, एसएसबी के अधिकारी और जिले के आला अधिकारी मौजूद थे। एसएसबी के जवान रामप्रवेश यादव शुक्रवार को जम्मू में आतंकी हमले में शहीद हो गए थे।
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उनका तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव टंगुनिया में शनिवार सुबह लाया गया।  शहीद के शव के गांव में पहुंचते ही चारों ओर कोहराम मच गया। ताबूत में बंद शहीद के पार्थिव शरीर को देख माता विद्यावती जहां बेसुध हो गई वहीं पत्नी चिंता देवी दहाड़े मार कर रोने लगी।
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पिता लाल वचन यादव को मानो काठ मार दिया हो और एक जगह खड़ा होकर चुपचाप केवल निहारते रहे। यह हृदय विदारक दृश्य देख सभी की आंखें नम हो गई।  इसके बाद उनको श्रद्धांजलि देने हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े।

आलम यह था कि हर कोई दर्शन करने को बेताब था। शहीद के घर पहुंचने वाले मार्गों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। पिता का साया सिर से उठने के बाद लोग शहीद के मासूम पुत्रों को गोद में उठाकर सांत्वना दे रहे थे।  शनिवार सुबह ही उनकी अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग उमड़े।

 

 

लोग शरीद रामप्रवेश अमर रहे के नारे लगा रहे थे। उनकी चिता को सात साले के बेटे ने मुखाग्नि दी तो वहां  मौजूद लोगों की आंखे भर आईं। पुलिस और एसएसबी के जवानों ने शहीद को शस्त्र  झुकाकर श्रद्धांजलि दी।
 

 

वीर सपूत के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन करने के लिए लोगों को धक्कामुक्की का सामना करना पड़ा। यह स्थित‌ि शहीद की अंतिम यात्रा तक रही। सरयू तट पर सात वर्षीय बालक के मुखाग्नि को देख हर किसी के आंखों में आंसू आ गए। 

युवाओं ने लगाए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे

funeral of martyr soldier with guard of honour in ballia
जवान के अंतिम यात्रा में उमड़ी लोगों की भारी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
शहीद रामप्रवेश यादव का पार्थिव शरीर गांव के निकट सरयू तट पर स्थित शिव मंदिर के पास पंचतत्व में विलीन हो गया। शहीद के पुत्र आयुष ने मुखाग्नि दी। यह कारुणिक दृश्य देख लोगों की आंखें छल-छला गई। अग्नि प्रज्ज्वलित होते ही रामप्रवेश अमर रहे के नारों से गूंज उठा।

हजारों की भीड़ जहां सपूत की शहादत पर गर्व कर रहा था वहीं पाकिस्तान के प्रति गुस्सा भी साफ झलक रहा था।  शहीद के घर से अंत्येष्टि स्थल तक करीब तीन किलोमीटर लंबे मार्ग पर जन सैलाब उमड़ पड़ा था। खासकर युवाओं ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।

शहीद रामप्रवेश की अंतिम यात्रा में सारे बंधन टूट गए और दलगत भावना से उपर उठ कर लोग शामिल हुए। जिले के आला अफसरों के अलावा एसएसबी के अधिकारी व जवान भी शामिल हुए। इस मौके पर सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर राज्यमंत्री उपेन्द्र तिवारी के अलावा, जिलाधिकारी सुरेन्द्र विक्रम, एसपी अनिल कुमार, कमांडेंट मुकेश कुमार, उप कमांडेंट नवीन कुमार, सहायक सेनानायक सुदेश कुमार, सांसद रवींद्र कुशवाहा, हरिनारायण राजभर, विधायक धनंजय कनौजिया, संजय यादव, पूर्व विधायक गोरख पासवान, नगर पंचायत के निवर्तमान चेयरमैन दिनेश कुमार गुप्ता, सपा नेता आद्याशंकर यादव, कांग्रेस नेता मृत्युंजय शुक्ला, पूर्व चेयरमैन अशोक मधुर, भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद शंकर दुबे मौजूद थे।  
 

शहीद की पत्नी व पिता को आर्थिक मदद

funeral of martyr soldier with guard of honour in ballia
तीसरे दिन सुबह करीब नौ बजे पैतृक गांव पहुंचा पार्थिक शरीर - फोटो : अमर उजाला
 शहीद रामप्रवेश यादव के घर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में आए राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने शहीद की पत्नी व अन्य परिजनों से मिलकर उनका ढांढस बंधाया। कहा कि आपके हर सुख-दुख में सरकार साथ है। राज्यमंत्री अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

सरकार के प्रतिनिधि के रूप में उपेंद्र तिवारी ने पांच लाख का चेक शहीद के पिता राम बचन यादव को तथा शहीद की पत्नी को 20 लाख रुपए का चेक दिया। उन्होंने शहीद का घर व शौचालय बनवाने के लिए जिलाधिकारी को निर्देशित किया।

जिलाधिकारी ने रविवार से ही कार्य शुरू कराने का भरोसा दिया। शहीद रामप्रवेश यादव के पार्थिव शरीर के साथ पहुंचे एसएसबी के कमांडेंट मुकेश कुमार व उप कमांडेंट नवीन कुमार ने जवान की पत्नी चिंता देवी को अंत्येष्टि आदि के लिये 38 हजार रुपये नकद दी।

साथ ही केंद्र सरकार की तरफ से मिले आठ लाख रुपये का चेक भी सौंपा। उन्होंने कहा कि कागजी कार्रवाई के बाद एसएसबी की तरफ से मिलने वाली सारी सहायता राशि एक माह के अंदर दे दी जाएगी। पत्नी को आश्वासन दिया कि उसे कैंटीन आदि की सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएगी।
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