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मीठे जल का शरबत पिलाया, चला अटूट लंगर
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 17 Apr 2017 02:00 AM IST
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सबद कीर्तन का श्रवण करतीं महिलाएं
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सिख धर्म के नौवें गुरु तेग बहादुर साहिब का 396वां प्रकाशोत्सव रविवार को धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गुलाबबाग और साध संगत की ओर से गुरुद्वारा बड़ी संगत नीचीबाग में सबद कीर्तन किया गया। यह गुरुद्वारा पहले कल्याणजी गुरु भक्त का मकान था। यहां गुरु साहिब ने सात महीने 13 दिन तपस्या की थी। यहां से उन्होंने गंगाजी को प्रकट किया था। उस गंगा जल का स्रोत आज तक बउउली साहिब के रूप में मौजूद है। इस जल को ग्रहण कर लोग निर्मल काया की कामना करते हैं।
प्रकाशोत्सव के मौके पर सुबह नितनेम नाम सिमरन, सुखमनी साहिब के पाठ आसा दीवार की तर्ज के बाद अखंड पाठ साहिब की समाप्ति हुई। इस दौरान दीवान सजा रहा। गुरुद्वारा साहिब को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने गुरुग्रंथ साहिब के दर पर मत्था टेका। मीठे जल का शरबत पिलाया गया। गुरुनानक इंग्लिश स्कूल शिवपुर के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। भाई रकम सिंह गुरुद्वारा नीचीबाग वाले सबद कीर्तन से संगत को निहाल किया। अमरप्रीत सिंह ने गुरु साहिब का इतिहास बताया। इस मौके पर अटूट लंगर देर रात तक चलता रहा। इस दौरान हरमिदंर सिंह मौजूद रहे।
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प्रकाशोत्सव के मौके पर सुबह नितनेम नाम सिमरन, सुखमनी साहिब के पाठ आसा दीवार की तर्ज के बाद अखंड पाठ साहिब की समाप्ति हुई। इस दौरान दीवान सजा रहा। गुरुद्वारा साहिब को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने गुरुग्रंथ साहिब के दर पर मत्था टेका। मीठे जल का शरबत पिलाया गया। गुरुनानक इंग्लिश स्कूल शिवपुर के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। भाई रकम सिंह गुरुद्वारा नीचीबाग वाले सबद कीर्तन से संगत को निहाल किया। अमरप्रीत सिंह ने गुरु साहिब का इतिहास बताया। इस मौके पर अटूट लंगर देर रात तक चलता रहा। इस दौरान हरमिदंर सिंह मौजूद रहे।
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