{"_id":"5f875e618ebc3e9bca1af87a","slug":"fraud-varanasi-news-vns5529053100","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व सांसद के लेटरपैड पर जारी हो रहा है फर्जी तरीके से नियुक्ति पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व सांसद के लेटरपैड पर जारी हो रहा है फर्जी तरीके से नियुक्ति पत्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्मम निर्यात संवर्धन परिषद में डायरेक्टर की नियुक्ति पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ है। घोसी के पूर्व सांसद हरिनारायण राजभर के लेटरपैड पर पूर्वांचल के कई लोगों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया है। रामनगर के जनकपुर निवासी डॉ. अवधेश दीक्षित ने प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय में साक्ष्यों व दस्तावेजों के साथ शिकायत दर्ज कराई है। उधर, पूर्व सांसद ने भी इसे पूरी तरह फर्जी करार दिया है और अपने लेटरपैड के दुरुपयोग की बात की है।
दरअसल, एमसएएमई ईपीसी, भारत सरकार नाम से पूर्व सांसद हरिनारायण राजभर के लेटरपैड पर सत्यमेव जयते लिखित भारत सरकार के राज चिह्न के साथ एक लेटर पैड का प्रयोग किया जा रहा है। इसमें अलग-अलग प्रांतों में डायरेक्टर की नियुक्त के लिए लेटरपैड पर ही पत्र जारी किया जा रहा है। लेटरपैड पर पूर्व सांसद के साथ ही उत्तर भारत, सूक्ष्म लधु एवं मध्यम उद्यम निर्यात संवर्धन परिषद का अध्यक्ष लिखा हुआ है। तीन सितम्बर 2020 को एक पत्र के माध्यम से न्यू कालोनी ककरमत्ता, के राकेश त्रिपाठी पुत्र गोपाल त्रिपाठी को डायरेक्टर एमएसएसई एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, उत्तर प्रदेेश घोषित किया गया है। ऐसे ही 19 जून 2020 को भी एक नियुक्ति पत्र प्रकाश में आया, जिसमें यशवीर सिंंह वर्मा पुत्र मोहन सिंह वर्मा बेल्थरा रोड बलिया उत्तर प्रदेश को जारी कर उन्हें एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल उत्तर प्रदेश का डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। 30 सितम्बर 2020 को करनाल हरियाणा के बलविंदर सिंह पुत्र शमशेर सिंह को भी डायरेक्टर बनाया गया है। जबकि एमएसएमई की एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल नाम से कोई भी विंग अथवा डिवीजन नहीं है। अध्यक्ष एमएसएमई एक्सर्पोट प्रमोशन काउंसिल, हरिनारायण राजभर के लेटरपैड पर नई दिल्ली के बसंत कुंज का पता है। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में इस तरह के फर्जीवाडे़ पर भाजपा पदाधिकारियों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी भी अनजान बने हैँ।
-----------------------------
मेरे लेटरपैड पर फर्जी तरीके से नियुक्ति पत्र जारी करने का मामला संज्ञान में आया है। इससे मेरा लेना देना नहीं है। मेरे लेटरपैड और हस्ताक्षर का दुरुपयोग किया जा रहा है। सबूत मिलेगा तो विधिक कार्रवाई करूंगा।
विज्ञापन
हरिनारायण राजभर, पूर्व सांसद
विज्ञापन
दरअसल, एमसएएमई ईपीसी, भारत सरकार नाम से पूर्व सांसद हरिनारायण राजभर के लेटरपैड पर सत्यमेव जयते लिखित भारत सरकार के राज चिह्न के साथ एक लेटर पैड का प्रयोग किया जा रहा है। इसमें अलग-अलग प्रांतों में डायरेक्टर की नियुक्त के लिए लेटरपैड पर ही पत्र जारी किया जा रहा है। लेटरपैड पर पूर्व सांसद के साथ ही उत्तर भारत, सूक्ष्म लधु एवं मध्यम उद्यम निर्यात संवर्धन परिषद का अध्यक्ष लिखा हुआ है। तीन सितम्बर 2020 को एक पत्र के माध्यम से न्यू कालोनी ककरमत्ता, के राकेश त्रिपाठी पुत्र गोपाल त्रिपाठी को डायरेक्टर एमएसएसई एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, उत्तर प्रदेेश घोषित किया गया है। ऐसे ही 19 जून 2020 को भी एक नियुक्ति पत्र प्रकाश में आया, जिसमें यशवीर सिंंह वर्मा पुत्र मोहन सिंह वर्मा बेल्थरा रोड बलिया उत्तर प्रदेश को जारी कर उन्हें एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल उत्तर प्रदेश का डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। 30 सितम्बर 2020 को करनाल हरियाणा के बलविंदर सिंह पुत्र शमशेर सिंह को भी डायरेक्टर बनाया गया है। जबकि एमएसएमई की एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल नाम से कोई भी विंग अथवा डिवीजन नहीं है। अध्यक्ष एमएसएमई एक्सर्पोट प्रमोशन काउंसिल, हरिनारायण राजभर के लेटरपैड पर नई दिल्ली के बसंत कुंज का पता है। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में इस तरह के फर्जीवाडे़ पर भाजपा पदाधिकारियों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी भी अनजान बने हैँ।
विज्ञापन
-----------------------------
मेरे लेटरपैड पर फर्जी तरीके से नियुक्ति पत्र जारी करने का मामला संज्ञान में आया है। इससे मेरा लेना देना नहीं है। मेरे लेटरपैड और हस्ताक्षर का दुरुपयोग किया जा रहा है। सबूत मिलेगा तो विधिक कार्रवाई करूंगा।
विज्ञापन
हरिनारायण राजभर, पूर्व सांसद