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पिता की संपत्ति में फ्रॉड: बहन समेत तीन पर FIR दर्ज करने का आदेश, लीज डीड में खेल; दस्तावेजों की होगी जांच

Tue, 01 Sep 2026 05:57 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Tue, 01 Sep 2026 05:57 AM IST
सार

वाराणसी में पिता की संपत्ति की कथित फर्जी लीज डीड बनाकर स्कूल का लाइसेंस लेने के मामले में अदालत ने बहन समेत तीन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है। शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बहन सुषमा रतन, नील रतन और नंदा रतन पर धोखाधड़ी व कूटरचना का आरोप लगाया है।

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Fraud involving father property Order register FIR against three individuals including sister in varanasi
वाराणसी कोर्ट। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पिता की संपत्ति को धोखे से लीज कराने और कथित कूटरचित दस्तावेज के आधार पर स्कूल का लाइसेंस लेने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने बहन समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है। यह आदेश भेलूपुर के कश्मीरीगंज निवासी शैलेंद्र कुमार वर्मा के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद कैंट पुलिस को दिया गया।

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शैलेंद्र कुमार वर्मा ने अपनी बहन सुषमा रतन, नील रतन और नंदा रतन के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना का आरोप लगाया है। प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके स्वर्गीय पिता जित्तूराम वर्मा के दो भवन और स्वर्गीय माता राजमनी वर्मा का एक भवन था। इन संपत्तियों के वारिस शैलेंद्र और उनकी बहन सुषमा रतन हैं।

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शैलेंद्र के अनुसार, वर्ष 2023 में सुषमा रतन की सहमति से उनका नाम राजस्व अभिलेखों में संपत्ति के स्वामी के रूप में दर्ज हुआ था। आरोप है कि इससे पहले सुषमा रतन ने तीन दिसंबर 2022 को भवन के संबंध में एक लीज डीड पंजीकृत कराई थी। इसमें खुद को भवन की स्वामिनी और बनारस पब्लिक स्कूल की प्रबंधक बताया गया।

शैलेंद्र का आरोप है कि लीज डीड गलत तथ्यों पर आधारित थी। दस्तावेज में 18 जून 2000 से 30 वर्ष की लीज दर्शाई गई, जबकि इसका पंजीकरण तीन दिसंबर 2022 को हुआ। उनका कहना है कि वर्ष 2000 में संबंधित भवन उनके पिता जित्तूराम वर्मा के नाम दर्ज था और वर्ष 2023 तक राजस्व अभिलेखों में भी उन्हीं का नाम रहा।

आरोप है कि सुषमा रतन ने भवन पर कब्जा करने के उद्देश्य से कथित तौर पर जाली लीज डीड तैयार कराई और उसका इस्तेमाल बनारस पब्लिक स्कूल का लाइसेंस हासिल करने में किया।

अदालत ने वादी के अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद कैंट पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना करने का आदेश दिया। अब पुलिस आरोपों और संबंधित दस्तावेजों की जांच करेगी।

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