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सवा सौ प्रधानों ने एक साथ बुलंद की आवाज
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Mon, 28 Mar 2016 02:12 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्षेत्र से राष्ट्रीय स्तर पर दस अप्रैल को ‘ग्रामीण दिवस’ मनाने की मांग उठी है। इस मांग के समर्थन में पीएम के संसदीय क्षेत्र के 125 से अधिक ग्राम प्रधान रविवार को एक मंच पर आए और मानव शृंखला बनाकर इस अभियान को आगे ले जाने का संकल्प लिया।
अभियान में प्रधानमंत्री के गोद लिए गांव जयापुर और नागेपुर गांव के प्रधान भी शामिल रहे। काशी विद्यापीठ ब्लॉक के खुशियारी गांव में होप वेलफेयर ट्रस्ट की पहल पर रविवार को आयोजित कार्यक्रम में आसपास के गांवों के किसानों के अलावा बीएचयू, काशी विद्यापीठ, जेएनयू और डीयू के सैकड़ों छात्र भी शामिल थे। लगभग एक किलोमीटर लंबी मानव शृंखला में ग्राम प्रधानों के अलावा आसपास के गांवों के किसान, महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। सबका एक स्वर में कहना था कि गांव की बेहतरी तभी होगी जब राष्ट्रीय स्तर पर ग्रामीण दिवस का आयोजन हो। इस मौके पर बीएचयू के प्रो. राकेश पांडेय के साथ ग्राम प्रधानों की कृषि सुधारों को लेकर चर्चा भी हुई। अभियान के पहले चरण में 11 हजार किसानों और उनके परिवार से जुड़े लोगों का एक हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा जा चुका है।
कार्यक्रम में जयापुर, नागेपुर के अलावा लोहता, कोटवां, अखरी, कादीपुर, बच्छांव, खड़ीरपुर, तारापुर, बेलना, कंचनपुर, केराकतपुर, चंदापुर, मड़ौली सहित लगभग 125 गांवों के प्रधान और उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे। होप ट्रस्ट के रवि मिश्रा, दिव्यांशु, धर्मेंद्र, विपुल, रतजंय, अजितेश, नीतेश, राहुल पटेल, विकास, सुमित, आशीष, पूजा, अंजलि, कैरावी, अलका, सुष्मिता व जयापुर के प्रधान नारायण पटेल, खुशियारी के प्रधान राजबिहारी, नागेपुर के प्रधान पारसनाथ आदि मौजूद थे।
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अभियान में प्रधानमंत्री के गोद लिए गांव जयापुर और नागेपुर गांव के प्रधान भी शामिल रहे। काशी विद्यापीठ ब्लॉक के खुशियारी गांव में होप वेलफेयर ट्रस्ट की पहल पर रविवार को आयोजित कार्यक्रम में आसपास के गांवों के किसानों के अलावा बीएचयू, काशी विद्यापीठ, जेएनयू और डीयू के सैकड़ों छात्र भी शामिल थे। लगभग एक किलोमीटर लंबी मानव शृंखला में ग्राम प्रधानों के अलावा आसपास के गांवों के किसान, महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। सबका एक स्वर में कहना था कि गांव की बेहतरी तभी होगी जब राष्ट्रीय स्तर पर ग्रामीण दिवस का आयोजन हो। इस मौके पर बीएचयू के प्रो. राकेश पांडेय के साथ ग्राम प्रधानों की कृषि सुधारों को लेकर चर्चा भी हुई। अभियान के पहले चरण में 11 हजार किसानों और उनके परिवार से जुड़े लोगों का एक हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा जा चुका है।
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कार्यक्रम में जयापुर, नागेपुर के अलावा लोहता, कोटवां, अखरी, कादीपुर, बच्छांव, खड़ीरपुर, तारापुर, बेलना, कंचनपुर, केराकतपुर, चंदापुर, मड़ौली सहित लगभग 125 गांवों के प्रधान और उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे। होप ट्रस्ट के रवि मिश्रा, दिव्यांशु, धर्मेंद्र, विपुल, रतजंय, अजितेश, नीतेश, राहुल पटेल, विकास, सुमित, आशीष, पूजा, अंजलि, कैरावी, अलका, सुष्मिता व जयापुर के प्रधान नारायण पटेल, खुशियारी के प्रधान राजबिहारी, नागेपुर के प्रधान पारसनाथ आदि मौजूद थे।
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