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शर्मनाक: वाराणसी में स्कूल बस के कंडक्टर ने चार वर्षीय बच्ची से छेड़खानी, चार पर मुकदमा दर्ज

Wed, 21 Sep 2022 05:14 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 21 Sep 2022 05:14 PM IST
सार

वाराणसी के ब्यास बाग, तरना स्थित एक निजी विद्यालय की चार वर्षीय छात्रा के साथ छेड़खानी सहित अन्य आरोपों में बस कंडक्टर और स्कूल प्रबंधक समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

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Four year-old girl molested by school bus conductor in Varanasi four booked
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

वाराणसी में चार वर्षीय बच्ची से स्कूल बस में छेड़खानी का मामला सामने आया है। मामला बड़ागांव थाना क्षेत्र के ब्यास बाग तरना स्थित एक निजी विद्यालय का है। पीड़ित पिता की तहरीर के आधार पर बड़ागांव थाने में आरोपी कंडक्टर, स्कूल प्रबंधन, ट्रांसपोर्ट इंचार्ज समेत चार के खिलाफ पुलिस ने छेड़खानी समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया।

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पुलिस के अनुसार मामले की जांच को लेकर पुलिस की टीम जल्द ही स्कूल में जाएगी। परिजनों का आरोप है कि अगस्त माह की घटना में पुलिस ने  हीलाहवाली की और एसपी ग्रामीण से गुहार लगाने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया।   
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10 अगस्त को की थी कंडक्टर के खिलाफ शिकायत 
लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले बच्ची के पिता के अनुसार उनकी बेटी तरना ब्यास बाग स्थित निजी स्कूल में कक्षा एलकेजी में पढ़ती है। पिता का आरोप है कि जिस बस से बेटी आवाजाही करती है, उस बस के कंडक्टर ज्ञानेंद्र सिंह की नियत खराब है। उसने बच्ची के साथ छेड़छाड़ किया। डरी सहमी बच्ची ने पूरे घटनाक्रम को साझा किया। जून माह से बच्ची डरी सहमी रहती थी, रूट नंबर 115 नंबर की बस में चलने वाले कंडक्टर की शिकायत 10 अगस्त को स्कूल के प्रिंसिपल से किया और आग्रह किया कि इस बस में उक्त कंडक्टर को न आने दिया जाए और जल्द ही महिला परिचालक को बस में रखा जाए।

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बस की सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़

इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने कुछ नहीं किया। सीसीटीवी फुटेज की मांग की गई तो वह नहीं उपलब्ध कराया गया। आठ सितंबर को बेटी जब स्कूल से घर आई तो पत्नी ने देखा कि बस में कंडक्टर ज्ञानेंद्र ने बच्ची को गलत तरीके से दबा रखा था। अगले ही दिन नौ सितंबर को स्कूल के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज विनय से मुलाकात की और बस की सीसीटीवी फुटेज देखने की मांग की, ताकि यह पता चल सके कि कंडक्टर ज्ञानेंद्र बच्ची के साथ क्या हरकत करता है।

इंचार्ज ने कहा कि फुटेज स्वत: करप्ट हो गया। पिता के अनुसार बच्ची की मानसिक स्थिति को देखते हुए स्कूल न भेजने का निर्णय लिया। अगले दिन बच्ची ने खुद बताया कि बस में कंडक्टर उसे परेशान करता है और गलत हरकत करता है। इसकी रिर्काडिंग भी स्कूल प्रबंधन को भेजी। वहीं, दूसरे दिन ही स्कूल के आपरेशन हेड से मुलाकात की और उन्होंने आश्वस्त किया कि हर हाल में फुटेज को रिकवर किया जाएगा। 

पिता का आरोप है कि बस के अंदर सीसीटीवी फुटेज से भी छेड़छाड़ किया गया। स्कूल प्रबंधन ने घटना पर पर्दा डालने की कोशिश की है। पिता के अनुसार 14 सितंबर को आपरेशन हेड ने सीसीटीवी फुटेज दिखाया। फुटेज में पाया कि रूट नंबर 115 की बस में आठ सितंबर दोपहर 12.08 से लेकर 12.10 के बीच की फुटेज गायब थी। आगे 12.26 से 12.34 और 12.39 की फुटेज गायब मिला।

इस मामले में शिकायत किए जाने के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मंगलवार की शाम पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सूर्यकांत त्रिपाठी से गुहार लगाने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर अश्वनी चतुर्वेदी के अनुसार मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। स्कूल प्रबंधन से भी पूछताछ की जाएगी। 

ट्रांसपोर्ट इंचार्ज ने कहा- आरोप निराधार

वहीं इस बारे में स्कूल के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज विनय ने कहा कि सड़क में कई जगह गड्ढे हैं और ट्रैफिक के दौरान बस में ब्रेक लगाया जाता है। ऐसे में छोटे बच्चे गिर जाते हैं। कंडक्टर द्वारा बच्ची की सुरक्षा के लिए उसे पकड़ा गया था, अभिभावक द्वारा लगाया गया आरोप निराधार है।
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