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चार दिन पहले कामिल का प्रश्नपत्र ‘आउट’
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 13 Apr 2016 02:20 AM IST
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मदरसा बोर्ड की परीक्षा देतीं छात्राएं।
मदरसा शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा में मंगलवार को चार दिन बाद होने वाली परीक्षा का पर्चा आउट हो गया। हुआ यूं कि दूसरी पाली में परीक्षार्थियों को 16 अप्रैल को होने वाली कामिल की परीक्षा के प्रश्नपत्र बांट दिए गए। इससे परीक्षा केंद्रों पर अफरातफरी मच गई। इस गलती पर केंद्र व्यवस्थापक, मदरसा शिक्षक काफी देर तक हलाकान रहे। हालांकि परीक्षार्थियों से फौरन पेपर वापस ले लिए गए। कुछ देर बाद नोडल सेंटर से सभी केंद्रों को प्रश्नपत्र दोबारा भेजे गए। ऐसे में कहीं आधे घंटे तो कहीं दो घंटे बाद परीक्षा शुरू हो सकी।
मंगलवार को दूसरी पाली में कामिल (बीए) तृतीय वर्ष की ‘मुताला फिका इस्लामी’ विषय की परीक्षा में मदरसा बोर्ड की लापरवाही परेशानी का सबब बन गई। सभी केंद्रों पर 16 अप्रैल को होने वाली परीक्षा ‘मुताला उसूल’ विषय के प्रश्नपत्र बांट दिए गए। कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज के सह केंद्र व्यवस्थापक मोहम्मद अजहर और तैयब ने बताया कि पैकेट के ऊपर कोड और पेपर का नाम सही था लेकिन अंदर 16 तारीख के प्रश्नपत्र थे। पेपर बंटने के बाद यह गड़बड़ी पकड़ में आई।
केंद्र व्यवस्थापकों ने तत्काल इसकी सूचना जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को दी। इसके बाद परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र वापस लिए गए। बाद में वास्तविक प्रश्नपत्र मंगाए गए तब परीक्षा शुरू हो पाई। इस अव्यवस्था के चलते परीक्षा देरी से शुरू हुईं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विनोद कुमार जायसवाल ने बताया कि लखनऊ से प्रश्नपत्र अलग पैकेट में रखकर आए थे। इस वजह से गड़बड़ी हुई।
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मंगलवार को दूसरी पाली में कामिल (बीए) तृतीय वर्ष की ‘मुताला फिका इस्लामी’ विषय की परीक्षा में मदरसा बोर्ड की लापरवाही परेशानी का सबब बन गई। सभी केंद्रों पर 16 अप्रैल को होने वाली परीक्षा ‘मुताला उसूल’ विषय के प्रश्नपत्र बांट दिए गए। कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज के सह केंद्र व्यवस्थापक मोहम्मद अजहर और तैयब ने बताया कि पैकेट के ऊपर कोड और पेपर का नाम सही था लेकिन अंदर 16 तारीख के प्रश्नपत्र थे। पेपर बंटने के बाद यह गड़बड़ी पकड़ में आई।
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केंद्र व्यवस्थापकों ने तत्काल इसकी सूचना जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को दी। इसके बाद परीक्षार्थियों से प्रश्नपत्र वापस लिए गए। बाद में वास्तविक प्रश्नपत्र मंगाए गए तब परीक्षा शुरू हो पाई। इस अव्यवस्था के चलते परीक्षा देरी से शुरू हुईं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विनोद कुमार जायसवाल ने बताया कि लखनऊ से प्रश्नपत्र अलग पैकेट में रखकर आए थे। इस वजह से गड़बड़ी हुई।
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