वाराणसी: जानलेवा हमले के मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह से फिर होगी जिरह, 21 साल पहले हुआ था मुकदमा
वाराणसी के नदेसर क्षेत्र में 21 वर्ष पहले पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में फिर जिरह होगी। अब मामले की सुनवाई छह अक्तूबर को होगी। इस प्रकरण में अयोध्या जिले की एक सीट से सपा विधायक अभय सिंह भी आरोपी हैं।
विस्तार
वाराणसी के नदेसर क्षेत्र में 21 वर्ष पहले पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में फिर जिरह होगी। यह आदेश विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) अवनीश गौतम की अदालत ने दिया है। अब मामले की सुनवाई छह अक्तूबर को होगी। इस प्रकरण में अयोध्या जिले की एक सीट से सपा विधायक अभय सिंह भी आरोपी हैं।
अधिवक्ता अनुज यादव, वरुण प्रताप सिंह प्रिंस और बृजपाल सिंह यादव के जरिये आरोपी संदीप सिंह उर्फ पप्पू ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। इसके माध्यम से कहा कि घटना में आरोपी बनाते हुए उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। इसका ट्रायल न्यायालय में चल रहा है। मुकदमे में साक्ष्य की कार्रवाई होनी है।
अदालत में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-311 के तहत प्रार्थना पत्र दिया गया। कहा गया कि जिस समय गोली चलने की बात कही जा रही, उस समय वह अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले के चलते अस्पताल में भर्ती था। विवेचक ने अस्पताल आकर उसका बयान लिया था। इस मामले में धनंजय सिंह से जिरह किया जाना आवश्यक है।
स्वचालित असलहे से हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग
जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह के अनुसार, वह अपने साथियों के साथ चार अक्तूबर 2002 को वाराणसी से जौनपुर जा रहे थे। शाम छह बजे नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा हॉल के पास पहुंचे, तभी वहां चारपहिया वाहन में सवार अयोध्या के राजेपुर, महराजगंज निवासी अभय सिंह अपने 4-5 साथियों के साथ स्वचालित असलहे लेकर उतरे।
अभय सिंह ने ललकारते हुए कहा कि धनंजय सिंह को मारो। जान से मरने की नियत से गोली चलाने लगे। इसमें धनंजय सिंह, जितेंद्र बहादुर सिंह, संतोष सिंह, गनर बासुदेव पांडेय व ड्राइवर दिनेश गुप्ता घायल हो गए थे।