पूर्व विधायक अजय राय ने सुरक्षा हटाने पर राज्यपाल से की शिकायत, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी के कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अजय राय ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार उनकी हत्या कराना चाहती है। अजय राय ने सरकार द्वारा सुरक्षा हटाए जाने की शिकायत राज्यपाल से की है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को भेजे पत्र में उन्होंने लिखा- हैरत की बात है कि आज जहां एक बार विधायक बन जाने पर लोगों को सरकार समर्थित हर तरह की सुरक्षा मुहैया हो जाती है। वहीं पिंडरा विधानसभा से पांच बार विधायक और पूर्व मंत्री रहने के बावजूद वर्तमान सरकार द्वारा घृणित मानसिकता का परिचय देते हुए मेरी सुरक्षा हटा ली गई।
पत्र में यह भी लिखा है कि कि वे बड़े भाई स्वर्गीय अवधेश राय की हत्या के चश्मदीद गवाह हैं, जिसका मुकदमा अभी एमपी एमएलए कोर्ट, इलाहाबाद में चल रहा है। बताया कि इसके पहले भी छह फरवरी को भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सुरक्षा पर चिंता जाहिर करने के बाद भी सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। बल्कि जो सुरक्षा मिली थी, उसे भी हटा लिया गया, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
अगर हत्या हुई तो सरकार जिम्मेदार होगी
पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री को भी एक पत्र लिखकर इस कार्रवाई को गैर कानूनी बताते हुए कहा कि अगर हत्या हुई, उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। सुरक्षा वापस लिए जाने से लोगों में आक्रोश है। सोमवार को अजय राय की सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद अधिवक्ता व कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी के एसएसपी से मुलाकात की थी।
सुरक्षा नहीं मिली तो करेंगे आंदोलन
बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन हरिशंकर सिंह व महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने सुरक्षा वापसी पर रोष जताते हुए बहाल करने की मांग की थी। हरिशंकर सिंह व राघवेंद्र चौबे ने बताया कि बाहुबली मुख्तार अंसारी के खिलाफ गवाही देने के लिए पूर्व विधायक अजय राय का प्रयागराज आना-जाना होता है। वर्तमान सरकार राजनीतिक द्वेष के कारण उनका उत्पीड़न कर रही है। सुरक्षा बहाल नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे। इस पर एसएसपी अमित पाठक ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था।