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Varanasi News: कमिश्नरेट में साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस सेल का गठन
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फोटो
पुलिस आयुक्त ने साइबर थाने में 20 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात करने का दिया आदेश
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सोमवार को कमिश्नरेट में साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस सेल के गठन का आदेश दिया। इसके लिए साइबर क्राइम थाने में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों के तौर पर पांच इंस्पेक्टर, पांच सब इंस्पेक्टर और 10 कांस्टेबल को तैनात किया जाएगा। यह टीम प्रत्येक दिन एक स्कूल जाकर छात्र-छात्राओं को साइबर फ्रॉड से बचने के उपायों के बारे में जागरूक करेगी। साथ ही साइबर क्राइम की घटनाओं के खुलासे में अहम भूमिका निभाएगी।
पुलिस आयुक्त ने सोमवार को कमिश्नरेट के साइबर अपराध की समीक्षा की। पुलिस आयुक्त ने कहा कि साइबर अपराध में पकड़े गए अभियुक्तों की निगरानी के लिए उनकी हिस्ट्रीशीट खोली जाए। साइबर फ्रॉड से पीड़ित लोगों का पैसा वापस कराना पुलिस की प्राथमिकता हो। साइबर अपराध के प्रत्येक मुकदमे की तह तक जाकर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाए। गिरफ्तार किए गए साइबर अपराधियों के बारे में उनके जनपद के पुलिस अधीक्षक को भी सूचित किया जाए, ताकि वह भी उनकी निगरानी करा सकें। इस दौरान अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) श्रुति श्रीवास्तव और साइबर क्राइम थाना व साइबर सेल के प्रभारी मौजूद रहे।
3500 नंबर किए गए ब्लॉक, पांच करोड़ की रिकवरी
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि साइबर अपराध में प्रयुक्त होने वाले फोन नंबरों को ब्लॉक कराया जा रहा है। इस क्रम में इस साल अब तक वाराणसी पुलिस द्वारा 3500 से अधिक फोन नंबरों को ब्लॉक कराया जा चुका है। इसी तरह से इस वर्ष अब तक साइबर क्राइम से संबंधित 117 मुकदमों में 63 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। साथ ही पांच करोड़ 35 लाख रुपये की रिकवरी की गई।
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पुलिस आयुक्त ने साइबर थाने में 20 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात करने का दिया आदेश
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सोमवार को कमिश्नरेट में साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस सेल के गठन का आदेश दिया। इसके लिए साइबर क्राइम थाने में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों के तौर पर पांच इंस्पेक्टर, पांच सब इंस्पेक्टर और 10 कांस्टेबल को तैनात किया जाएगा। यह टीम प्रत्येक दिन एक स्कूल जाकर छात्र-छात्राओं को साइबर फ्रॉड से बचने के उपायों के बारे में जागरूक करेगी। साथ ही साइबर क्राइम की घटनाओं के खुलासे में अहम भूमिका निभाएगी।
पुलिस आयुक्त ने सोमवार को कमिश्नरेट के साइबर अपराध की समीक्षा की। पुलिस आयुक्त ने कहा कि साइबर अपराध में पकड़े गए अभियुक्तों की निगरानी के लिए उनकी हिस्ट्रीशीट खोली जाए। साइबर फ्रॉड से पीड़ित लोगों का पैसा वापस कराना पुलिस की प्राथमिकता हो। साइबर अपराध के प्रत्येक मुकदमे की तह तक जाकर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाए। गिरफ्तार किए गए साइबर अपराधियों के बारे में उनके जनपद के पुलिस अधीक्षक को भी सूचित किया जाए, ताकि वह भी उनकी निगरानी करा सकें। इस दौरान अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) श्रुति श्रीवास्तव और साइबर क्राइम थाना व साइबर सेल के प्रभारी मौजूद रहे।
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3500 नंबर किए गए ब्लॉक, पांच करोड़ की रिकवरी
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि साइबर अपराध में प्रयुक्त होने वाले फोन नंबरों को ब्लॉक कराया जा रहा है। इस क्रम में इस साल अब तक वाराणसी पुलिस द्वारा 3500 से अधिक फोन नंबरों को ब्लॉक कराया जा चुका है। इसी तरह से इस वर्ष अब तक साइबर क्राइम से संबंधित 117 मुकदमों में 63 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। साथ ही पांच करोड़ 35 लाख रुपये की रिकवरी की गई।
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