{"_id":"5a75da3c4f1c1b1d368b852c","slug":"forgery-of-one-crore-rupees-in-mau","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मऊ में स्कूल का प्रबंधक बन मुआवजे के एक करोड़ रुपए हड़पे, ऐसे सामने आई सच्चाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मऊ में स्कूल का प्रबंधक बन मुआवजे के एक करोड़ रुपए हड़पे, ऐसे सामने आई सच्चाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
Updated Sun, 04 Feb 2018 10:22 AM IST
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यूपी के मऊ में जालसाजी का बड़ा मामला सामने आया है। यहां पर एक जालसाज ने विद्यालय का प्रबंधक बनकर वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन के लिए अधिग्रहीत जमीन का एक करोड़ से अधिक मुआवजा हड़प लिया।
मामले में मिलीभगत उजागर होने पर डीएम ने लेखपाल को निलंबित करते हुए जांच का आदेश दिया है। घोसी तहसील के दोहरीघाट थाने क्षेत्र के हेमई ग्राम सभा में वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 29 पर श्री ब्रह्मबाबा जूनियर हाईस्कूल है।
इसकी करीब डेढ़ बीघे जमीन, प्रयोगशाला और कार्यालय की भूमि फोरलेन में अधिग्रहीत की गई है। डेढ़ बीघे जमीन के एक करोड़ 26 लाख 37 हजार 712 रुपये और दोनों कक्षों का मुआवजा तीन लाख 68 हजार रुपये तय किया गया।
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विद्यालय के प्रबंधक शिवधनी सिंह और प्रधानाध्यापक गोरख प्रसाद यादव का संयुक्त खाता अमिला स्थित काशी गोमती ग्रामीण बैंक में है। मुआवजे की रकम इसी खाते में भेजी जानी चाहिए थी।
उधर, प्रबंधक शिवधनी को 30 जनवरी को चिटफंड कार्यालय आजमगढ़ से पता चला कि कारपोरेशन बैंक मऊ से सत्यापन के लिए पत्र आया है। प्रबंधक विकास भवन स्थित भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय (एसएलओ) पहुंचे, तो बताया गया कि मुआवजे की रकम कारपोरेशन बैंक मऊ में भेज दी गई है।
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मामले में मिलीभगत उजागर होने पर डीएम ने लेखपाल को निलंबित करते हुए जांच का आदेश दिया है। घोसी तहसील के दोहरीघाट थाने क्षेत्र के हेमई ग्राम सभा में वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 29 पर श्री ब्रह्मबाबा जूनियर हाईस्कूल है।
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इसकी करीब डेढ़ बीघे जमीन, प्रयोगशाला और कार्यालय की भूमि फोरलेन में अधिग्रहीत की गई है। डेढ़ बीघे जमीन के एक करोड़ 26 लाख 37 हजार 712 रुपये और दोनों कक्षों का मुआवजा तीन लाख 68 हजार रुपये तय किया गया।
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विद्यालय के प्रबंधक शिवधनी सिंह और प्रधानाध्यापक गोरख प्रसाद यादव का संयुक्त खाता अमिला स्थित काशी गोमती ग्रामीण बैंक में है। मुआवजे की रकम इसी खाते में भेजी जानी चाहिए थी।
उधर, प्रबंधक शिवधनी को 30 जनवरी को चिटफंड कार्यालय आजमगढ़ से पता चला कि कारपोरेशन बैंक मऊ से सत्यापन के लिए पत्र आया है। प्रबंधक विकास भवन स्थित भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय (एसएलओ) पहुंचे, तो बताया गया कि मुआवजे की रकम कारपोरेशन बैंक मऊ में भेज दी गई है।
ज्वेलर्स के खाते में किया ट्रांसफर
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मऊ में बैंक में जाने पर शाखा प्रबंधक ने बताया कि इस बैंक में श्री ब्रह्मबाबा जूनियर हाईस्कूल हेमई के प्रबंधक बबलू मौर्य के नाम पर खाता खुलवाया गया है। इसमें मुआवजे के एक करोड़ 26 लाख 37712 रुपये आए थे।
इसमें से एक करोड़ एक लाख 37712 रुपये खाता धारक ने किसी ज्वेलर्स के खाते में ट्रांसफर कर दिया है। 25 लाख रुपये खाते में बचे हैं। बैंक मैनेजर ने बताया कि खाते से बड़ी निकासी होने पर उन्होंने सत्यापन के लिए चिट फंड कार्यालय आजमगढ़ को पत्र भेजा था।
वहां से मामला उजागर होने पर खाते से रकम निकासी पर रोक लगा दी। प्रबंधक शिवधनी सिंह ने 30 जनवरी को डीएम से मामले की शिकायत की। डीएम ने एसएलओ आफिस का निरीक्षण किया और मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाने पर राजस्व लेखपाल फरीद अहमद को निलंबित कर दिया।
जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। जिसकी लापरवाही उजागर होगी, उसके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ विभागीय कार्रवाई भी कराई जाएगी। लेखपाल ने दस्तावेज पर मुहर नहीं लगाई थी।
इसमें से एक करोड़ एक लाख 37712 रुपये खाता धारक ने किसी ज्वेलर्स के खाते में ट्रांसफर कर दिया है। 25 लाख रुपये खाते में बचे हैं। बैंक मैनेजर ने बताया कि खाते से बड़ी निकासी होने पर उन्होंने सत्यापन के लिए चिट फंड कार्यालय आजमगढ़ को पत्र भेजा था।
वहां से मामला उजागर होने पर खाते से रकम निकासी पर रोक लगा दी। प्रबंधक शिवधनी सिंह ने 30 जनवरी को डीएम से मामले की शिकायत की। डीएम ने एसएलओ आफिस का निरीक्षण किया और मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाने पर राजस्व लेखपाल फरीद अहमद को निलंबित कर दिया।
जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। जिसकी लापरवाही उजागर होगी, उसके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ विभागीय कार्रवाई भी कराई जाएगी। लेखपाल ने दस्तावेज पर मुहर नहीं लगाई थी।