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समन्वय नहीं होने की वजह से प्रवासी भारतीय सम्मेलन का काम धीमाः सुषमा स्वराज

Tue, 25 Dec 2018 10:38 AM IST
shashikant misra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: shashikant misra Updated Tue, 25 Dec 2018 10:38 AM IST
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Foreign minister sushma swaraj reached varanasi and see preparation of NRI summit
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज - फोटो : amar ujala
प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लेने सोमवार को वाराणसी पहुंची विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने केंद्र, राज्य और स्थानीय प्रशासन में समन्वय नहीं होने पर नाराजगी जताई। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने छह सदस्यीय टीम का गठन किया। छह सदस्यीय टीम प्रवासी सम्मेलन के आयोजन स्थल पर आपसी सहमति के साथ काम को गति देगी।
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आयोजन स्थल के बाहर शहर की व्यवस्था में केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों को हस्तक्षेप नहीं करने का निर्देश दिया और कहा कि स्थानीय प्रशासन ही शहर की व्यवस्था पर निर्णय लेगा। इसके अलावा शहर में साफ सफाई और जाम की समस्या पर असंतोष जताया और इस पर कार्ययोजना तैयार कर अमल को कहा।
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प्रशासन की ओर से प्रवासी भारतीय सम्मेलन का ब्लू प्रिंट विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसे हरी झंडी दे दी गई। छावनी क्षेत्र स्थित सभागार में प्रवासी भारतीय सम्मेलन की समीक्षा बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अब तक की तैयारियों और भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा की।
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टेंट सिटी और हस्तकला संकुल के आयोजन में उन्हें विदेश मंत्रालय, एनआरआई विभाग और स्थानीय प्रशासन में समन्वय का अभाव दिखा। उन्होंने विदेश मंत्रालय के सचिव प्रोटोकाल, एनआरआई विभाग के विशेष सचिव और दो अन्य अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी व एसएसपी वाराणसी की छह सदस्यीय टीम गठित की।

उन्होंने कहा, यह टीम अब सम्मेलन से जुड़े कामों पर निर्णय लेगी। उन्होंने शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट, घर, सार्वजनिक भवन सहित अन्य जगहों पर सफाई अभियान का निर्देश दिया। सम्मेलन की तैयारियों के निरीक्षण के दौरान विदेश मंत्री को कई खामियां मिली।

टेंट सिटी में समतलीकरण नहीं होने पर उन्होंने अधिकारियों से नाराजगी जताई और पूरे क्षेत्र में समतलीकरण का निर्देश दिया। जमीन पर प्लाई होने पर उन्होंने बताया कि अगर बारिश या मौसम खराब हुआ तो दिक्कत आएगी, ऐसे में पालिथीन की परत बिछाने को कहा। इसके अलावा टेंट सिटी के परदों में एक लेयर और लगाने का निर्देश दिया।

काशी आतिथ्य के लिए प्रवासियों को पत्र लिख रहे प्रधानमंत्री

Foreign minister sushma swaraj reached varanasi and see preparation of NRI summit
टेंट सिटी में विदेश मंत्री - फोटो : amar ujala
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रवासियों को पत्र लिखकर काशी आतिथ्य के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। कहा, काशी आतिथ्य पीएम मोदी का प्रिय विषय है और इसके लिए वे प्रवासियों को आमंत्रित करने में जुटे हैं। विदेश मंत्री ने टेंट सिटी, द्विपक्षीय वार्ता सभागार और हस्तकला संकुल के कार्यक्रम स्थल का नाम भी सुझाया।

प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा के दौरान सुषमा स्वराज ने टेंट सिटी का नाम प्रवासी भारतीय कार्यक्रम की शुरुआत करने वाले व्यक्ति लालेश्वर अग्रवाल नगर नाम देने का सुझाव दिया। सम्मेलन के दौरान टेंट सिटी के सभागार को स्वामी विवेकानंद और राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल हस्तकला का नामकरण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी सभागार करने के लिए कहा।

प्रधानमंत्री के बहुत इन्नोवेटिव आइडिया हैं और बनारस को विशेष महत्व देते हैं। यह पीबीडी प्रवासियों के लिए अच्छी सुखद अनुभूति के साथ यादगार होगा। काशीवासियों के घरों में ठहरने वाले प्रवासियों के कार्यक्रम से पहले मैचिंग कराई जाएगी ताकि पीबीडी के दौरान और घनिष्ठता बन जाए। युवा प्रवासी भारत के बारे में जानने को उत्सुक रहते हैं।

सिने स्टार हेमामालिनी द्वारा प्रस्तुत होने वाले गंगा अवतरण की थीम का लीफलेट प्रवासियों को उपलब्ध कराया जाएगा। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से पीबीडी के लिए किए गए कार्यों, वॉल पेंटिंग, स्कूलों में विभिन्न देशों की संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम, शहर के सौंदर्यीकरण आदि की जानकारी दी।

सम्मेलन में बनारसी सिल्क उत्पाद, बनारसी हैंडीक्राफ्ट, बनारसी खानपान और काफी टेबल बुक होगी। प्रवासियों को दी जाने वाली काफी टेबल बुक में बनारस की नई तस्वीर के साथ यहां की ऐतिहासिकता, पौराणिकता और हस्तशिल्प आदि होंगे। बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब विदेश मंत्री बोली, काशी तो काशी है। यह अदभुत है। इसके बारे में क्या बताएं। उन्होंने यहां हुए विकास कार्यो की तारीफ भी प्रशंसा की।
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