Commonwealth Games: राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार बनारस के पांच खिलाड़ी दिखाएंगे दम, पदक की हैं उम्मीदें
राष्ट्रमंडल खेलों में में पहली बार बनारस के पांच खिलाड़ी अपना जलवा बिखेरेंगे। बनारस के खिलाड़ियों ने पदक की शुरुआत 2014 में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स से की थी। इस बार पदक को लेकर बनारस के खिलाड़ियों से सबसे अधिक उम्मीदें हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंग्लैंड में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार बनारस के पांच खिलाड़ी अपना दम दिखाएंगे। यह पहला मौका होगा जब दो महिला और तीन पुरुष खिलाड़ी टीम इंडिया का हिस्सा बनेंगे। इस बार पदक को लेकर भी बनारस के खिलाड़ियों से सबसे अधिक उम्मीदें हैं। खासकर वेटलिफ्टिंग, हॉकी, जूडो और एथलेटिक्स में। क्वालीफाइंग राउंड के मुकाबले शुक्रवार सुबह से शुरू हो रहे हैं। ऐसे में हर किसी की नजर टीम इंडिया के खिलाड़ियों पर रहेगी।
राष्ट्रमंडल खेलों में बनारस के खिलाड़ियों ने पदक की शुरुआत 2014 में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स से की थी। अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर स्वाति सिंह ने कांस्य जीतकर देश का मान बढ़ाया था। बनारस की पूनम यादव ने 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स की वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
तीन साल बाद कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 220 किलोग्राम का भार उठाकर 76 किलो भार वर्ग में रजत पदक पर कब्जा जमाया। इसके साथ ही पूनम को विश्व वेटलिफ्टिंग में सातवां स्थान मिला था। इसके बाद उन्होंने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अपनी राह आसान कर दी थी।
जूडोका विजय यादव यादव भी राष्ट्रमंडल खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के दम पर देश और बनारस का नाम रोशन करेंगे। एथलेटिक्स में बरेका के रोहित यादव और हॉकी में ओलंपियन ललित उपाध्याय अपना प्रदर्शन दोहराने के लिए मैदान में उतरेंगे।
बरेका खेल संघ के सचिव बहादुर प्रसाद ने कहा कि एथलेटिक्स में रोहित यादव से बहुत उम्मीदें हैं। रोहित अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए मैदान में उतरेंगे। हम सभी की नजरें भारतीय टीम पर है। इस बार राष्ट्रमंडल में देश को ढेर सारे पदक मिलेंगे। बता दें कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 का आयोजन 28 जुलाई से 8 अगस्त तक इंग्लैंड के बर्मिंघम में किया जाना है.