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प्रयागराज के ध्यानार्थ : जिंदगी से मिले जख्मों पर राहत का मरहम बना टीएससीटी

Tue, 25 Jul 2023 12:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jul 2023 12:12 AM IST
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For the attention of Prayagraj: TSCT became a salve of relief on the wounds received from life
कोरोना से पति की असमय मौत ने मेरी जिंदगी में तूफान ला दिया। अचानक कंधे पर बच्चों के भविष्य की चिंता, 18 लाख रुपये से अधिक का कर्ज का बोझ आ गया। परिवार ने भी किनारा कर लिया। भैया लोगों ने समय पर मदद नहीं की होती तो मैं कर्ज चुकाते-चुकाते कंगाल हो जाती। इतना कह कर रंजना चक्रवाल आंखें नम हो गईं। जिन्हें वह भैया कह रहीं थीं वो उनके पति के साथ पढ़ाने वाले शिक्षक हैं।दरअसल, शिक्षकों के एक समूह ने टीचर्स सेल्फ केयर टीम (टीएससीटी) एप बनाया है। समूह इसके जरिये मृतक शिक्षकों के परिजनों को आर्थिक मदद दे रहा है। दिसंबर 2020 एप पर पंजीकृत शिक्षक मृतक के परिजनों के बैंक खाते में प्रति शिक्षक 50 रुपये का सहयोग करते हैं। पैसों का भुगतान ऑनलाइन किया जाता है। जिले में करीब 10 हजार और प्रदेश में 80 हजार शिक्षक इस एप पर पंजीकृत हैं। एप के जरिये अब तक 115 परिवारों को 24 करोड़ 64 लाख रुपये से अधिक की धनराशि भेजी जा चुकी है।
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कोरोना काल में आया एप बनाने का विचार
प्रयागराज के शंकरगढ़ ब्लॉक में प्राथमिक विद्यालय जोरवट में तैनात विवेकानंद आर्य ने एप बनाया। कोरोना काल में प्रयागराज के एक अध्यापक की मौत के बाद उसका परिवार टूट गया। पैसों की सख्त आवश्यकता थी। उस समय विवेकानंद ने शिक्षकों के माध्यम से नौ लाख रुपये की सहायता दिलाई। विवेकानंद ने बताया कि किसी शिक्षक की मृत्यु के बाद सरकार से पैसे मिलने में करीब छह महीने लगते हैं। पहली बार सहायता के दौरान बड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद इसे डिजिटल करने का फैसला लिया। सबसे पहले टेलीग्राम एप फिर व्हाट्सएप ग्रुप से सहायता की गई।
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केस 1
स्व.संतोष कुमार को वाराणसी में मिली पहली सहायता
रामनगर स्थित प्राथमिक विद्यालय गोलाघाट में तैनात संतोष कुमार की कोरोना के कारण मई 2021 में मृत्यु हो गई। पत्नी पूजा ने बताया कि पति की मौत के बाद शिक्षकों ने एप के माध्यम से सहायता मिली। बैंक खाते में 18 लाख रुपये प्राप्त हुए। पति के इलाज में हुए 12 लाख के कर्ज को चुकाया और शेष पैसों की बैंक में एफडी कर दी। आर्थिक सहयोग के लिए शिक्षकों को धन्यवाद।
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केस 2
स्व. सुनील कुमार चक्रवाल की पत्नी को मिली सहायता
सेवापुरी ब्लॉक के बिहड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक सुनील कुमार चक्रवाल की कोरोना से मौत हुई। पत्नी रंजना ने बताया कि उनकी मौत के बाद होम लोन चुकाने की चिंता थी। टीएससीटी से मिली 18 लाख रुपये की आर्थिक सहायता ने बड़ा सहारा दिया। सहायता राशि से लोन चुकाया। आज के समय कोई देनदारी नहीं है। मदद के लिए शिक्षकों का आभार है।


केस 3
स्व. अनिल सिंह के बेटे को मिली सहायता
सेवापुरी ब्लॉक के तेंदूई स्थित कंपोजिट स्कूल में तैनात स्व. अनिल सिंह की मौत हार्ट अटैक से हुई। उनके बेटे उत्तम ने बताया कि पिता की मौत के बाद शिक्षकों द्वारा टीसीएसटी के माध्यम से 18 लाख रुपये की सहायता मिली। उन पैसों से कर्ज चुकाया और कुछ पैसा मां के नाम बैंक में फिक्स किया। आर्थिक सहायता मिल जाने से बड़ी राहत मिली। जिन शिक्षकों ने सहयोग किया उनको धन्यवाद।
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