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Varanasi News: जम्मू कश्मीर के लिए एनसीओई में लगी पैरा तीरंदाज शीतल देवी की 20 फीट ऊंची मूर्ति
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2024 पैरालंपिक में जीता था कांस्य, खिलाड़ियों को मिलेगी मदद
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। सबसे कम उम्र की पैरालिंपिक और आर्चरी में पदक विजेता शीतल देवी की मूर्ति खिलाड़ियों को लक्ष्य भेदने में साहस देगी। वीडीए की ओर से दी गई मूर्ति सिगरा के डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में लगाई गई है। सफेद रंग की मूर्ति 20 फीट ऊंची है। शीतल देवी को पैर की मदद से लक्ष्य पर निशाना साधते दिखाया गया है। एनसीओई प्रभारी शुभांशु द्विवेदी ने बताया कि मूर्ति एनसीओई में प्रवेश करते ही बाईं ओर लगाई गई है। दाई ओर फोटो गैलरी बनाई गई है। बहुमंजिला भवन में कुश्ती, मुक्केबाजी, निशानेबाजी और तलवारबाजी का प्रशिक्षण दिया जएगा। शीतल देवी ने कई मुश्किलों को पीछे छोड़कर विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने पेरिस 2024 पैरालंपिक में कांस्य जीता था। वह जन्म से फोकोमेलिया रोग से पीड़ित थीं। यह एक जन्मजात विकार है। इसी वजह से उनके हाथ का विकास पूरी तरह से नहीं हो पाया। बावजूद हिम्मत नहीं हारी और पैरों से तीरंदाजी कर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीता।
बीएचयू व निवेदिता सेंटर में प्रशिक्षण दे रहे एनसीओई कोच
सिगरा में खेल विभाग की ओर स्मार्ट सिटी की ओर से बनाए गए नेशनल सेंटर फॉर एक्सीलेंस (एनसीओई) के हस्तांतरण में देरी की वजह से इसके कोच साई के दूसरे सेंटरों में प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण विभाग के निदेशक ओंकार नाथ यादव की ओर से नियुक्त तीनों कोच वाराणसी पहुंच गए हैं। प्रभारी के मुताबिक, एक कोच बीएचयू सेंटर में मुक्केबाजी जबकि दूसरे कोच कुश्ती खिलाड़ियों को निवेदिता साई सेंटर में प्रशिक्षण दे रहे हैं। तलवारबाजी का प्रशिक्षण शुरू नहीं हो सकता है, फिलहाल यहां खिलाड़ी नहीं हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। सबसे कम उम्र की पैरालिंपिक और आर्चरी में पदक विजेता शीतल देवी की मूर्ति खिलाड़ियों को लक्ष्य भेदने में साहस देगी। वीडीए की ओर से दी गई मूर्ति सिगरा के डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में लगाई गई है। सफेद रंग की मूर्ति 20 फीट ऊंची है। शीतल देवी को पैर की मदद से लक्ष्य पर निशाना साधते दिखाया गया है। एनसीओई प्रभारी शुभांशु द्विवेदी ने बताया कि मूर्ति एनसीओई में प्रवेश करते ही बाईं ओर लगाई गई है। दाई ओर फोटो गैलरी बनाई गई है। बहुमंजिला भवन में कुश्ती, मुक्केबाजी, निशानेबाजी और तलवारबाजी का प्रशिक्षण दिया जएगा। शीतल देवी ने कई मुश्किलों को पीछे छोड़कर विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने पेरिस 2024 पैरालंपिक में कांस्य जीता था। वह जन्म से फोकोमेलिया रोग से पीड़ित थीं। यह एक जन्मजात विकार है। इसी वजह से उनके हाथ का विकास पूरी तरह से नहीं हो पाया। बावजूद हिम्मत नहीं हारी और पैरों से तीरंदाजी कर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीता।
बीएचयू व निवेदिता सेंटर में प्रशिक्षण दे रहे एनसीओई कोच
सिगरा में खेल विभाग की ओर स्मार्ट सिटी की ओर से बनाए गए नेशनल सेंटर फॉर एक्सीलेंस (एनसीओई) के हस्तांतरण में देरी की वजह से इसके कोच साई के दूसरे सेंटरों में प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण विभाग के निदेशक ओंकार नाथ यादव की ओर से नियुक्त तीनों कोच वाराणसी पहुंच गए हैं। प्रभारी के मुताबिक, एक कोच बीएचयू सेंटर में मुक्केबाजी जबकि दूसरे कोच कुश्ती खिलाड़ियों को निवेदिता साई सेंटर में प्रशिक्षण दे रहे हैं। तलवारबाजी का प्रशिक्षण शुरू नहीं हो सकता है, फिलहाल यहां खिलाड़ी नहीं हैं।
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