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मदद के इंजन से पटरी पर आएगा फुटवियर कारोबार

Sun, 13 Jun 2021 01:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jun 2021 01:15 AM IST
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Footwear business will come back on track with the engine of help
कोरोना की दूसरी लहर में फुटवियर व्यापारियों की भी स्थिति खराब हुई है। दो से तीन महीने में इनका धंधा चौपट हो गया। एक से डेढ़ साल तक व्यवसाय को पटरी पर लाना मुश्किल हो गया है। व्यापारी और विक्रेता सरकार से मदद की आस लगाए बैठे हैं। व्यापार संगठन भी एक हजार से अधिक छोटे बड़े थोक और फुटकर विक्रेताओं की मदद की मांग कर चुके हैं। वह गुजरात सरकार का उदाहरण देकर ब्याज, बिजली बिल, टैक्स में छूट देकर बड़ी राहत की मांग कर रहे हैं। तेलियाबाग स्थित जूते चप्पल के व्यवसाय से जुड़े बड़े वितरकों का अनुमान है कि बीते डेढ़ से दो साल में 500 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार प्रभावित हुआ है। बनारस से सिर्फ जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, आजमगढ़, प्रयागराज ही नहीं झारखंड, बिहार, मध्यप्रदेश के भी कई जिलों के छोटे बड़े व्यापारी माल ले जाते हैं।
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सामान्य दिनों में यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश, झारखंड के जिलों में जूते चप्पलों के वितरण से पांच से 10 लाख तक का महीने भर में व्यापार हो जाता था। अब सब कुछ ठप है। व्यापारी जो माल पहले ले गए उसका पैसा अभी तक नहीं मिला। नए स्टॉक के लिए पूंजी ही नहीं है। ऐसे में बिना किसी सहयोग के व्यापार पटरी पर लाना मुश्किल है।
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- राजकुमार, वितरक, तेलियाबाग
लॉकडाउन और कर्फ्यू में मांगलिक, सार्वजनिक और धार्मिक आयोजनों के सीमित होने से डेढ़ दो साल से धंधा मंदा चल रहा है। बिजली बिल, गोदाम का किराया, कर्मचारी वेतन देने में पूरी पूंजी टूट गई है। टैक्स, ब्याज में छूट, लोन मिले तो व्यापार पटरी पर आ पाएगा। - अमित सिंह, वितरक, तेलियाबाग
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पहले के लोन ब्याज माफ हो, बिजली बिल में रियायत मिले तो व्यापारियों को राहत मिले। कर्फ्यू और लॉकडाउन में व्यापारियों की पूंजी मजदूरी और किराया चुकता करने में खत्म हो गई। व्यवसाय हुआ नहीं पुराने माल गोदाम में पड़े हैं। ऐसे में सरकारों को विचार करना चाहिए।
- अजय बिशनानी, व्यापारी, तेलियाबाग
व्यापारियों की 30 प्रतिशत तक बैलेंसशीट घटी है। क्षेत्र में 20 से 25 जूते चप्पल की दुकान और शोरूम हैं। बीते तीन से चार माह में 20 से 30 प्रतिशत तक व्यवसाय प्रभावित हुआ है। वीकेंड लॉकडाउन खत्म हो। स्व निधि योजना के तहत छोटे विक्रेताओं को आर्थिक मदद मिलनी चाहिए।
- आनंद श्रीवास्तव, अध्यक्ष, भेलूपुर और दुर्गाकुंड व्यावसायिक संघ
सरकार छह महीने जीएसटी पर छूट दे। छह महीना का बैंक ब्याज माफ हो। रियायती दर पर लोन मिले। दो साल से कोरोना ने करोड़ों रुपये की बिक्री को प्रभावित किया है। सरकार ने इसे नहीं संभाला तो व्यापार 10 साल पीछे चला जाएगा और 10 प्रतिशत प्रतिष्ठान बंद हो जाएंगे।

-राकेश जैन, महानगर अध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
व्यापारी डेढ़ दो साल से संभल नहीं पाए हैं। केंद्र और राज्य सरकार व्यापारियों को जीएसटी, बिजली के बिल, बैंक ब्याज में दो माह की रियायत दें। साथ ही बैंकों से लोन दिया जाए जिसमें छह माह तक ब्याज दर में छूट हो।
-सोमनाथ विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष, महानगर उद्योग व्यापार समिति
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