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Varanasi: मैस्टिक असफाल्ट तकनीक से होगी फ्लाईओवर की मरम्मत, बारिश के पानी से सड़क को नहीं पहुंचेगा नुकसान
Mon, 22 Jan 2024 06:36 PM IST
प्रगति चंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Mon, 22 Jan 2024 06:36 PM IST
सार
अमेरिका की मैस्टिक असफाल्ट तकनीक से काशी में फ्लाईओवरों की मरम्मत होगी। शहर के पांडेयपुर, ककरमत्ता और आशापुर फ्लाईओवर का निर्माण जल्द ही शुरू होगा। मैस्टिक असफाल्ट तकनीक से फ्लाईओवर की मरम्मत होने से सड़क की सतह आम सड़कों से मोटी होगी।
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varanasi news
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोक निर्माण विभाग शहर में स्थित तीन फ्लाइओवर की मरम्मत अमेरिका की मैस्टिक असफाल्ट तकनीक से कराएगा। इसकी खासियत यह है कि सड़क की सतह आम सड़कों से मोटी होगी। बारिश के पानी से सड़क को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
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वाटरप्रूफ होने के साथ-साथ सड़कों पर फिसलन नहीं होगी। इसकी मियाद भी 10 साल से ज्यादा रहेगी। लोक निर्माण विभाग की ओर से पांडेयपुर, ककरमत्ता और आशापुर फ्लाईओवर की मरम्मत कराई जाएगी। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक मरम्मत का काम जल्द शुरू होगा।
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मैस्टिक असफाल्ट तकनीक से बनी सड़क की सतह में छोटे-छोटे दाने होते हैं, जो इस सड़क को टूटने नहीं देते हैं। सड़क बनाने में स्टोन चिप्स, प्लास्टिक, क्रशर, गद्देदार परत सहित अन्य सामान का प्रयोग होता है। इससे सड़क कई साल चलती हैं। अच्छी तकनीक और सड़कों की लाइफ अधिक होने के कारण पीडब्ल्यूडी भी तकनीक को अपना रहा है। अधिकारियों के मुताबिक सीसी रोड पर पहले जाली लगाई जाती है। फिर उसके ऊपर बिटमिन या डामर और उसके ऊपर मैस्टिक डाला जाता है। सड़क को कहीं से भी तोड़कर पहले जैसा बनाया जा सकता है।
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यातायात का दबाव अधिक
शहर के बीच ककरमत्ता फ्लाईओवर की लंबाई 783 मीटर है। 2014 में बने इस पुल की लागत 35 करोड़ रुपये हैं। इस पुल से प्रतिदिन 12 से 15 हजार वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे ही 1.12 किलोमीटर लंबे पांडेयपुर फ्लाईओवार का निर्माण 2011 में पूरा हुआ। इसमें करीब 18.50 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस पर से भी रोजाना करीब 10 हजार वाहन गुजरते हैं। आशापुर फ्लाईओवर का निर्माण साल 2021 में पूरा हुआ। इसमें करीब 50 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस रास्ते भी करीब दस हजार वाहन रोज गुजरते हैं। वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण फ्लाईओवर और उनकी सड़कें मरम्मत योग्य हो गई हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
अमेरिकन तकनीक से मरम्मत के लिए शहर के तीन फ्लाईओवरों को चिह्नित किया गया है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा है। डीपीआर फाइनल होने के बाद काम शुरू कराएंगे। - केके सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
क्या कहते हैं अधिकारी
अमेरिकन तकनीक से मरम्मत के लिए शहर के तीन फ्लाईओवरों को चिह्नित किया गया है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा है। डीपीआर फाइनल होने के बाद काम शुरू कराएंगे। - केके सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग