फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   flood

कोनिया, नक्खीघाट, ढेलवरिया, बघवानाला, जैतपुरा के कई इलाकों आवागमन बाधित

Fri, 20 Sep 2019 01:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 20 Sep 2019 01:48 AM IST
विज्ञापन
flood
वाराणसी। गंगा और वरुणा का पानी शहरी इलाकों में भी भरने लगा है। उधर, गुरुवार को कोनिया, नक्खी घाट, ढेलवरिया, बघवानाला समेत जैतपुरा के कई इलाकों की सड़कें भी पानी में डूब गईं। इससे इन इलाकों का आपसी संपर्क टूट गया है। यहां आवागमन के लिए अब नाव ही सहारा है।
विज्ञापन

गुरुवार को भी सरैया बाढ़ चौकी के अंतर्गत बनाए गए बाढ़ राहत शिविर में कई परिवारों ने शरण ली। सरैया प्राथमिक विद्यालय में बनाए गए शिविर में 85 परिवारों के करीब 600 लोग रह रहे हैं। लोगों ने बताया कि गुरुवार सुबह राहत सामग्री के साथ नाश्ता और भोजन मिला। राहत सामग्री के पैकेट भी मिले हैं। खाद्य सामग्री भी मिली। उन्होंने इसे पकाने के लिए प्रशासन से लकड़ी की व्यवस्था की मांग की। उधर, नक्खी घाट इलाके में बाढ़ में फंसे लोगों ने बताया कि गुरुवार शाम 4 बजे तक पानी और बढ़ गया। इससे निचले इलाकों की दूसरी मंजिल तक पानी पहुंच गया है। कुछ इलाकों में फंसे लोगों तक राहत सामग्री भी नहीं पहुंच पा रही है।
विज्ञापन

कोनिया के घनी आबादी वाले पलंग शहीद इलाके में लोग बाढ़ में फंस गए हैं। संकरी गलियों के कारण यहां नाव नहीं जा पा रही है। लोग एक दूसरे की मदद से पिछले पांच दिनों से पानी के बीच रह रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बाढ़ आने पर बगल में स्थित गंगा प्रदूषण इकाई से उन्हें आने-जाने के लिए रास्ता दिया जाता था, लेकिन इस साल बाढ़ आने के बावजूद उन्हें रास्ता नहीं दिया गया है। इस कारण वह फंस गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाढ़ से खतरे को देखते हुए विद्युत विभाग की ओर से कई इलाकों की आपूर्ति काट दी गई है और लोग अंधेरे में रह रहे हैं। लोगों ने बताया कि बिजली नहीं आने से शाम होते ही अंधेरा हो जाता है, जिस वह मोमबत्ती और लालटेन के सहारे गुजर-बसर कर रहे हैं। सुरक्षा को लेकर भी खतरा रहता है।
खिड़किया घाट इलाके के लोगों ने गुरुवार को शौचालय बंद होने पर हंगामा किया। उनका कहना था कि संचालिका मनमाने तरीके से शौचालय बंद कर देती है। बाढ़ के कारण वह कहीं दूसरी जगह जा भी नहीं सकते हैं। उन्होंने इसकी शिकायत डीएम समेत अन्य अधिकारियों से की है।

सलारपुर क्षेत्र में भी दर्जनों मकानों में पानी भर गया है। बुधवार रात पानी बढ़ने पर दो परिवार बाढ़ सलारपुर प्राथमिक विद्यालय राहत केंद्र पहुंचे। वहीं गुरुवार सुबह गांव के ही विनोद कुमार ने बाढ़ में फंसे रीता, सोेहन व कन्हैया प्रजापति के परिवार को गुरुवार सुबह बाढ़ राहत केंद्र पहुंचाया। यहां रहने वाले परिवारों की संख्या 20 हो गई है। यहां रह रहे बबलू, अनिता, रजनी और गोविंद का कहना है कि बाढ़ के कारण उनके घर में रखा सामान खराब हो गया है। राहत केंद्र में सब कुछ समय से मिलता है, लेकिन बच्चों के लिए दूध की समस्या बनी हुई है। वहीं, कानूनगो राजेश कुमार ने बताया कि समस्या सामने आने पर बच्चों के लिए दोनों पहर दूध की व्यवस्था कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed