फुलवरिया फोरलेन का एप्रोच मार्ग धंसा: मलबा निकाल डाला जा रहा बालू-मिट्टी, जांच करने पहुंची समिति
बारिश और बाढ़ के चलते फुलवरिया फोरलेन के एप्रोच मार्ग पुल की मिट्टी जगह-जगह धंस गई है। सड़क पर कई जगह दरार पड़ गई है। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में सहायक अभियंता और अवर अभियंता को निलंबित कर दिया गया है।
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बारिश और बाढ़ के चलते फुलवरिया फोरलेन के एप्रोच मार्ग के धंसने के मामले में गठित तीन सदस्यीय समिति सोमवार को जांच के लिए मौके पर पहुंची। जांच समिति में कानपुर के संयुक्त प्रबंध निदेशक राकेश सिंह, लखनऊ के महाप्रबंधक रविदत्त, आजमगढ़ के मुख्य परियोजना प्रबंधक संतराज शामिल हैं। ये अधिकारी अपनी रिपोर्ट एक सप्ताह में शासन को देंगे। पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद के निर्देश पर लापरवाही के मामले में एई और जेई को निलंबित किया जा चुका है।
सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक एसके निरंजन ने बताया कि फौरी तौर पर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। मलबा निकालकर बालू-मिट्टी डाला जा रहा है। इसे पूरी तरह से मरम्मत करने के लिए जलस्तर के घटने का इंतजार करना पड़ेगा। दरअसल बाढ़ का पानी जब घटेगा, तभी यहां मिट्टी के कटान को रोकने के लिए पत्थर के बोल्डर लगाए जाएंगे। फिलहाल दरारों को भरने और धंसने वाले स्थल को ठीक कराया जा रहा है।
पिछले माह पीएम मोदी ने किया था लोकार्पण
सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक दीपक गोविल ने बताया कि जांच टीम सोमवार को आएगी। बता दें कि बारिश और बाढ़ के चलते इमिलिया घाट पर वरुणा नदी पर बने पुल की मिट्टी जगह-जगह धंसने से सड़क पर कई दरारें पड़ी हैं। पुल के किनारे मिट्टी बहने से सुरक्षा के लिए लगाई गई रेलिंग की गिट्टी तक दिखने लगी है। इसे जल्द नहीं रोका गया तो पुल को खतरा हो सकता है।
आला अधिकारियों से जांच करवाने के बाद शनिवार को इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में सहायक अभियंता ज्ञानेंद्र वर्मा और अवर अभियंता राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। 14 करोड़ रुपये में पुल का निर्माण किया गया है। पुल की लंबाई 108 मीटर और रैंप को लेकर पुल की लंबाई 500 मीटर है। सात जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका लोकार्पण किया था।