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गाजीपुर में बाढ़ का कहर: खेतों के बाद अब गांवों की ओर बढ़ा पानी, कई संपर्क मार्ग डूबे; 500 बीघा फसल जलमग्न

Wed, 02 Sep 2026 10:28 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर। Published by: Aman Vishwakarma Updated Wed, 02 Sep 2026 10:28 PM IST
सार

गाजीपुर में गंगा का पानी खेतों के बाद अब गांवों की ओर बढ़ने लगा है। रेवतीपुर से सैदपुर तक करीब 500 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। कई संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। धर्मपुर-फिरोजपुर मार्ग पर पुलिया के ऊपर करीब दो फीट पानी बह रहा है। ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।

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Flood havoc in Ghazipur Water moves fields towards villages several access roads submerged
गलियों में घुसा बाढ़ का पानी। - फोटो : संवाद

विस्तार

गंगा के बढ़ते जलस्तर से जिले के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। खेतों में पानी भरने के बाद अब कई गांवों की ओर भी बाढ़ का पानी बढ़ने लगा है। रेवतीपुर, जमानियां, भांवरकोल और सैदपुर क्षेत्र में कई संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। करीब 500 बीघा फसल जलमग्न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

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रेवतीपुर क्षेत्र में बाढ़ का पानी खेतों और गांवों की ओर बढ़ रहा है। करीब 200 बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है। धान, मक्का और सब्जियों की फसलें पानी में डूब गई हैं। पशुओं के चारे का संकट भी बढ़ गया है। रेवतीपुर-मां कामाख्या धाम, पकड़ी-रेवतीपुर बाईपास और रेवतीपुर-रामपुर मार्ग पानी में डूबने से आवागमन प्रभावित है। हसनपुरा और बीरऊपुर के संपर्क मार्ग भी पानी में समा गए हैं। टोंगा और नगदीलपुर के बाहर भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। रेवतीपुर की कई गलियों में पानी घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

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बाढ़ में फंसे परिवार को नाव से निकाला
जमानियां क्षेत्र में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद प्रशासन ने तटवर्ती गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है।बाढ़ के कारण 200बीघा में लगी सब्जी की फसल डूब गई बुधवार को भगीरथपुर गांव के गंगबरार क्षेत्र में बने अस्थायी घर में रामप्रवेश चौधरी पत्नी, बेटी और करीब दस मवेशियों के साथ बाढ़ के पानी में घिर गए। सूचना मिलने पर प्रधान प्रतिनिधि राकेश कुमार सिंह ने लेखपाल को जानकारी दी। 

इसके बाद नाव से पहुंचकर परिवार, मवेशियों, खाने का सामान और चारपाई समेत जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। तहसील प्रशासन ने बाढ़ कंट्रोल रूम शुरू किया है। बाढ़ से संबंधित सहायता के लिए 05497-252074 पर संपर्क किया जा सकता है। तहसीलदार रामनारायण वर्मा ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी है।

धर्मपुर-फिरोजपुर गांव पानी से घिरा
भांवरकोल क्षेत्र में धर्मपुर-फिरोजपुर गांव पानी से घिर गया है। क्षेत्र में 20 बीघा खेतों में लगी सब्जी की फसल डूब गई है। ग्रामीण धर्मपुरा पुलिया से आवागमन कर रहे हैं, लेकिन पुलिया के ऊपर करीब दो फीट पानी बह रहा है। पानी और बढ़ने पर नाव की जरूरत पड़ सकती है। ग्रामीणों के अनुसार गंगा का पानी गांव और सिवान की ओर फैलना शुरू हो गया है।

भागड़ नाले से कथार, धर्मपुर, फिरोजपुर और शेरपुर के आसपास के घरों तक पानी पहुंच रहा है। वहीं चरी, बाजार, मिर्च और तिल की फसलें डूबने से नुकसान हो रहा है। मुबारकपुर बस्ती की ओर भी गंगा का पानी बढ़ रहा है। बस्ती के रविंद्र मल्लाह के अनुसार पानी करीब 50 मीटर तक बस्ती की ओर बढ़ चुका है।

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पटना समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में, डीएम ने लिया जायजा
सैदपुर क्षेत्र के पटना के साथ खरौना, हथौड़ा, शादीभादी, औड़िहार, जौहरगंज, सैदपुर, फुलवारी खुर्द, फुलवारी कला, देवचंदपुर, चकेरी और रामपुर मांझा समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इन गांवों की करीब 150 बीघा खेती प्रभावित हुई है और लगभग 200 से 250 किसान प्रभावित बताए जा रहे हैं। बूढ़ीपुर में नहर और ताल का पानी मुख्य मार्ग पर भर जाने से आवागमन बाधित है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दस वर्षों से हर बार ऐसी स्थिति बनती है और पानी से होकर आवागमन करना पड़ता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

Flood havoc in Ghazipur Water moves fields towards villages several access roads submerged
बाढ़ के पानी से होकर घर लाते लोग। - फोटो : संवाद

बलुआ घाट पर बैरिकेडिंग, गहरे पानी में जाने से रोक
जमानियां नगर के बलुआ घाट पर गंगा के तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर पालिका ने एहतियाती कदम उठाए हैं। घाट के किनारे नारियल की रस्सी और बल्लियों से बैरिकेडिंग कर लाल झंडी लगाई गई है। ईओ संतोष कुमार ने बताया कि घाट पर नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं और नागरिकों से बैरिकेडिंग पार नहीं करने तथा गहरे पानी में नहीं उतरने की अपील की है।

बाढ़ प्रभावित गांवों का डीएम-एसपी ने लिया जायजा
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बुधवार को तहसील सेवराई क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नरवा घाट पर नाव और लाइफ जैकेट की पर्याप्त व्यवस्था करने तथा सीढ़ियों के नीचे बांस की जाली लगाने के निर्देश दिए, ताकि लोग तेज बहाव में न जा सकें। इसके बाद बिरऊपुर और हसनपुरा में ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। डीएम ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री, आवश्यक दवाएं और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की गई है।

खतरे के निशान से 28.5 सेंटीमीटर ऊपर गंगा, बढ़ाव जारी
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार शाम पांच बजे गंगा 63.390 मीटर पर पहुंच गई। यह खतरे के निशान 63.105 मीटर से 28.5 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर में प्रत्येक दो घंटे में करीब एक सेंटीमीटर की वृद्धि का क्रम जारी है। आपदा विशेषज्ञ अशोक राय के अनुसार वर्तमान में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। वर्ष 2025 में गंगा का उच्चतम जलस्तर 64.690 मीटर दर्ज किया गया था। जबकि उच्च बाढ़ स्तर 65.220 मीटर निर्धारित है।

जिले में बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और सभी बाढ़ चौकियों और राहत केंद्र सक्रिय है, जिसके माध्यम से बाढ़ पीड़िताें को मदद पहुंचाई जा रही है। - वेद सिंह चौहान, एडीएम व नोडल आपदा प्रबंधन विभाग।

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