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फिर शुरू हुआ गंगा में बढ़ाव, शीतला मंदिर का विग्रह डूबा
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वाराणसी। गंगा का जलस्तर स्थिर होने के बाद फिर से बढना शुरू हो गया है। बढ़ाव की रफ्तार सुबह से शाम तक धीमी रही लेकिन शाम के बाद तेज हो गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बृहस्पतिवार की रात 9 बजे गंगा का जलस्तर 68.38 मीटर दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार को दिन में 11 बजे से शाम चार बजे तक जलस्तर प्रति घंटे दो सेंटीमीटर की गति से बढ़ा लेकिन सायं पांच बजे से रात आठ बजे तक इसमें हर घंटे एक सेंटीमीटर की वृद्धि रही। रात आठ बजे तक जलस्तर 68.37 मीटर दर्ज किया गया। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा के घाट अब पूरी तरह डूब चुके हैं। दशाश्वमेध घाट स्थित शीतला माता का मंदिर भी पानी में डूब चुका है और मंदिर का कुछ हिस्सा ही नजर आ रहा है। मंदिर डूबने से पहले ही महंत परिवार ने माता के मुखौटे को गर्भगृह से निकालकर अहिल्याबाई घाट के ऊपर इंदौर स्टेट के अहिलेश्वर महादेव मंदिर में विराजमान करा दिया है। बृहस्पतिवार से मंदिर प्रांगण में उपमहंत अविनाश पांडेय सुट्टू महाराज एवं अभिषेक पांडेय कुटू महाराज ने माता रानी की दैनिक आरती पूजन संपन्न कराया। गंगा सेवा निधि के कार्यालय का ऊपरी तल भी जलमग्न हो चुका है।
वरुणा तटवाले हैं सहमे गंगा का जलस्तर बढ़ने से वरुणा भी पानी से पूरी तरह लबालब हो गई है। जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती लोगों बेहद सहमे हुए हैं। कई परिवारों ने अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने का अनुमान लगाते हुए सुरक्षित स्थानों बंदोबस्त करना शुरू कर दिया है।
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वरुणा तटवाले हैं सहमे गंगा का जलस्तर बढ़ने से वरुणा भी पानी से पूरी तरह लबालब हो गई है। जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती लोगों बेहद सहमे हुए हैं। कई परिवारों ने अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने का अनुमान लगाते हुए सुरक्षित स्थानों बंदोबस्त करना शुरू कर दिया है।
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