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पांच हजार विधवाओं को बनाएंगे आत्मनिर्भर ः लार्ड लुंबा
ब्यूरो, वाराणसी अमर उजाला
Updated Sat, 23 Jan 2016 02:18 AM IST
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ब्रिटेन के उच्च सदन हाउस आफ लार्ड के सदस्य लार्ड लुंबा ने कहा कि अनपढ़ मां पुष्पावती लुंबा की प्रेरणा से फाउंडेशन की ओर से विधवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रशिक्षण और सिलाई मशीन दी जाती है।
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शुक्रवार को प्रधानमंत्री का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद डीरेका कार्यक्रम स्थल पर हुई बातचीत में लार्ड लुंबा ने कहा कि स्वावलंबी बनने वाली विधवाएं सिलाई के जरिए अपने बच्चों का भरण पोषण आसानी से कर लेंगी।
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कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार वाराणसी की 90 हजार विधवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य लार्ड लुंबा फाउंडेशन ने रखा है।
पहले चरण में 5 हजार विधवाओं को प्रशिक्षण और सिलाई मशीन देने के लिए चुना गया है। एक हजार विधवाओं को प्रशिक्षण और सिलाई मशीन दी जा रही है।
बता दें लार्ड लुंबा पंजाब के कपूरथला जिले के ढिलवा गांव के मूल निवासी हैं। पिता जगीरी लाल लुंबा का जब निधन हुआ तो वे 10 साल के थे। मां ने पिता की मौत के बाद सात बच्चों का पालन पोषण किया।
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मां ने 1950 में दो बहनों को बीए कराया था। पढ़ाई के लिए मां ने उन्हें अमेरिका भेजा। जो रुपये दिए थे वे खर्च हो गए। रुपये जुटाने के लिए कबाड़ी का काम किया। इसके बाद पोंछा लगाया।
आइसक्रीम का ठेला लगाया। कुछ समय बाद बाजार में कपड़े की दूकान खोली। बाद में कई देशों से कपड़ों का आयात करने लगे। अब भारत के अलावा कई देशों में नेटवेयर के नाम से कपड़ों का निर्यात कर रहे हैं।