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Varanasi: विश्व में आज से पहली बार एक करोड़ शिवलिंग का अर्चन, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में हो सकता है दर्ज
Sun, 19 Nov 2023 02:57 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Sun, 19 Nov 2023 02:57 PM IST
सार
विजयानंदनधा गुरु सेवा समिति के अध्यक्ष रामचंद्र साईं व डॉ. वेंकट के गंजम ने यह जानकारी प्रेसवार्ता में दी। आयोजन में शंकराचार्य, नौ पीठाधीश्वर सहित 20 हजार भक्त शामिल होंगे। उन्होंने दावा किया कि विश्व में इतना बड़ा आयोजन पहली बार काशी में होने जा रहा है।
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विश्व में आज से पहली बार एक करोड़ शिवलिंग का अर्चन
- फोटो : संवाद
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विस्तार
कार्तिक मास में पहली बार विश्व में एक करोड़ पार्थिव शिवलिंग का अर्चन किया जाएगा। साथ ही नवरत्न, नवधान्य और बाणलिंग का भी पूजन होगा। विश्व कल्याण और धर्म रक्षा के लिए नौ दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारी है। 19 से 27 नवंबर तक यह अनुष्ठान शिवाला घाट स्थित चेतसिंह किले में होगा।
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विजयानंदनधा गुरु सेवा समिति के अध्यक्ष रामचंद्र साईं व डॉ. वेंकट के गंजम ने यह जानकारी प्रेसवार्ता में दी। आयोजन में शंकराचार्य, नौ पीठाधीश्वर सहित 20 हजार भक्त शामिल होंगे। उन्होंने दावा किया कि विश्व में इतना बड़ा आयोजन पहली बार काशी में होने जा रहा है। इस करोड़ पार्थिव शिवलिंग को हैदराबाद की पांच हजार महिलाओं और पांच हजार अन्य शिष्यों ने देश भर के 58 केंद्रों पर तैयार किया है। 10 हजार लोगों की टीम ने पांच महीने में इस काम को पूरा किया। इस आयोजन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल करने के लिए टीम को वाराणसी आमंत्रित किया गया है। अनुष्ठान के बाद इन शिवलिंगों को देश भर के एक करोड़ परिवारों तक पहुंचाया जाएगा। डॉ. गंजम ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार काशी वह स्थान है जहां शिवलिंग पहली बार स्थापित किया गया था। काशी के हर शिवलिंग की अपना एक अलग ही महत्व है। हैदराबाद से एक करोड़ पार्थिव शिवलिंग को निर्मित करके काशी लाया गया है।
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